जीएसटी काउंसिल ने अगली तारीख तक बाध्यता की खत्म

पोर्टल खुलने के बाद भी जेनरेट नहीं हो रहा था बिल

Meerut. ई-वे बिल पोर्टल हैंग होने के कारण जीएसटी काउंसिल ने फिलहाल 1 फरवरी से लागू हुई ई-वे बिल की बाध्यता खत्म कर दी है. इसे काउंसिल दोबारा पूरी तैयारी के साथ लागू करेगी. तब तक के लिए पुरानी व्यवस्था पर व्यापारी अपने माल को ला-ले जा सकेंगे. काउंसिल के इस आदेश से व्यापारियों से लेकर ट्रांसपोर्टर्स तक खुशी का माहौल है.

व्यापारियों की परेशानी

1 फरवरी से पूरे राज्य में ई-वे बिल की व्यवस्था लागू होने के सात दिन बाद भी पोर्टल से जुडी समस्याएं दूर नहीं हो रही थी. व्यापारियों के लिए ई-वे बिल जेनरेट करना किसी परेशानी से कम साबित नहीं हो रहा था. ऐसे में व्यापारियों के लिए काउंसिल का नया आदेश किसी खुशखबरी से कम नहीं है.

ई-वे बिल काफी जल्दबाजी में और व्यापारियों को प्रोपर ट्रेनिंग दिए बिना शुरू कर दिया गया. जिससे व्यापारियों को ई-वे बिल जेनरेट करने में दिक्कत आ रही थी. लेकिन अब दोबारा व्यापारियों को इसे समझने का समय मिलेगा.

मनोज अग्रवाल, दवा व्यापारी

ई-वे बिल पोर्टल हैंग होने से बड़ी समस्या यह थी कि यदि किसी व्यापारी को माल तैयार करने के बाद अपनी एक फर्म से दूसरे शहर मे दूसरी फर्म में माल भेजना हो तो भी ई-वे बिल जेनरेट करना होगा. दोनों का ही अलग-अलग रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य है. लेकिन अब ऐसी परेशानियों को दूर करके ही ई-वे बिल को लागू करना चाहिए.

विपिन मनोठिया, स्पो‌र्ट्स व्यापारी

जो परेशानियां जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के दौरान व्यापारियों को हुई थी वही ई-वे बिल के संबंध में सामने आ रही थी. एक साथ रोजाना लाखों व्यापारियों का पोर्टल पर लॉग इन होता है, जिससे पेार्टल स्लो होना स्वभाविक है. दोबारा पोर्टल की क्षमता वृद्धि कर इस व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए.

रजनीश कौशल, दवा व्यापारी

50 हजार से ऊपर के बिल पर ई-वे बिल अनिवार्य है इसलिए व्यापारी अभी 50 हजार से कम के बिल जेनरेट करके अपना काम चला रहे थे. अब दोबारा कम से कम 2 लाख के माल पर ई-वे बिल लागू होना चाहिए. तभी इसका लाभ मिलेगा.

अमित अग्रवाल, साड़ी कारोबारी

शुरुआत से लेकर अब तक केवल ई-वे बिल के पोर्टल की ही समस्या अधिक थी. फिलहाल ई-वे बिल से राहत मिली है लेकिन दोबारा यह व्यवस्था पोर्टल की समस्या को दूर करके ही लागू की जानी चाहिए.

अमित वर्मा, ज्वैलर्स

ई-वे बिल को ट्रांसपोर्टर्स पर लागू नहीं किया जाना चाहिए. फिलहाल इस व्यवस्था में रोक से ट्रांसपोर्टर्स को लाभ भी मिलेगा और इस व्यवस्था को समझने का समय भी मिलेगा.

गौरव शर्मा, ट्रांसपोर्टर

ई-वे बिल में आ रही परेशानियों को देखते हुए जीएसटी काउंसिल द्वारा अनिश्चितकाल के लिए ई-वे बिल की बाध्यता खत्म कर दी गई है. 31 जनवरी तक जो व्यवस्था लागू थी, उसी व्यवस्था पर व्यापारी अपने माल का वहन कर सकेंगे. अभी दोबारा ई-वे बिल व्यवस्था पूरी तैयारी के साथ लागू की जाएगी.

जितेंद्र कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर, सेल टैक्स