.शहर के अधिकांश वार्डो में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति खराबे

.ट्रिपिंग की समस्या भी शहरवासियों के लिए बनी सिरदर्द

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW

भले ही हम गुलामी की जंजीरों से मुक्त हो चुके हैं लेकिन अभी तक शायद पूरी तरह से अंधेरे की बेडि़यों से खुद को आजाद नहीं महसूस कर रहे हैं. राजधानी की बात की जाए तो शहर को जगमग करने के लिए कई स्तर पर प्रयास तो हो रहे हैं लेकिन ग्राउंड लेवल पर इसके शत प्रतिशत परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं. आलम यह है कि स्ट्रीट लाइट्स की बात हो या फिर 24 घंटे सतत बिजली आपूर्ति की, जनता दोनों ही बिंदुओं पर संघर्ष करती नजर आ रही है. भले ही जिम्मेदार महकमे शहर के हर कोने से अंधेरा समाप्त करने की बात कर रहे हों लेकिन हकीकत यह है कि उनकी बातें सिर्फ कागजों तक ही सिमटी हुई हैं.

एलईडी से थी उम्मीद

पिछले लंबे समय से शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाने की कवायद चल रही है. एक लाख से अधिक स्ट्रीट लाइट्स लगाई भी जा चुकी है, इसके बावजूद कई वार्ड अभी अंधेरे में ही हैं. वार्ड पार्षदों ने इसको लेकर आवाज भी उठाई, निगम प्रशासन से शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन नतीजा सिफर रहा. गुजरते वक्त के साथ वार्डो में स्थिति बेहद खराब होती जा रही है.

खराब हो रही लाइट्स

हाल में ही आयोजित सदन में कई पार्षदों की ओर से एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने वाली कंपनी ईईएसएल पर सवाल उठाए गए थे. पार्षदों का आरोप था कि उनके वार्ड में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स तो लगा दी गई हैं लेकिन अगर कोई लाइट खराब हो जाती है तो उसे ठीक कराने में लंबा इंतजार करना पड़ता है. यह इंतजार कभी तो महीने भर तक का हो जाता है. पार्षदों का यह भी आरोप था कि ईईएसएल की ओर से जो टोल फ्री नंबर दिया गया है, वह भी शोपीस बनकर रह गया है. कुल मिलाकर एक बात साफ है कि स्ट्रीट लाइट्स खराब होने के कारण वार्डों की जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है.

फैक्ट फाइल

110 कुल निगम के वार्ड

8 जोन निगम के

1 लाख से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगीं

30 से अधिक लाइट्स खराब औसतन दो वार्डो में

ट्रिपिंग भी बढ़ा रही मुश्किल

अब अगर बात 24 घंटे सतत बिजली आपूर्ति की जाए तो स्थिति को बहुत बेहतर नहीं कहा जा सकता है. भले ही बिजली महकमे के अधिकारियों की ओर से नो ट्रिपिंग की बात की जा रही हो लेकिन हकीकत यह है कि शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां आए दिन ट्रिपिंग की समस्या आती है. इसके बावजूद इस समस्या को दूर करने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं.

देर रात बिजली गुल

ट्रांसगोमती हो या सिस गोमती क्षेत्र, दोनों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में ट्रिपिंग की समस्या आम बात है. किसी इलाके में दो घंटे तो कहीं तीन घंटे बिजली गुल हो जाती है. हालांकि ऐसी स्थिति रोज तो नहीं आती है लेकिन मौसम खराब होने पर बिजली आपूर्ति पर सवाल उठने लगते हैं. उदाहरण के लिए शनिवार देर रात सरोजनीनगर समेत कई इलाकों में बिजली गुल हो गई. रात एक बजे गई बिजली, सुबह तीन बजे के बाद आई. गर्मी में बिजली जाने से जनता को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

जिन वार्डो से एलईडी स्ट्रीट लाइट्स की शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें दूर कराया जा रहा है. हमारा पूरा प्रयास यही है कि जनता को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो.

डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त

फिलहाल तो मेरी जानकारी में किसी भी इलाके में ट्रिपिंग की समस्या नहीं है. समय-समय पर मेंटीनेंस कराया जाता है, ऐसी स्थिति में शटडाउन लिया जाता है. अगर कहीं ट्रिपिंग हो रही है तो निश्चित रूप से समस्या दूर कराई जाएगी.

संजय गोयल, एमडी, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लि.