- डीजीपी हेडक्वार्टर ने लिया अपडेट, लगाई खूब फटकार

- बंदी के एडमिट होने पर गुलरिहा पुलिस को देंगे सूचना

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GORAKHPUR: बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर तीन से शातिर बदमाश शाका पांडेय की फरारी पुलिस के लिए मुसीबत बन गई है. शाका की गिरफ्तारी में नाकामी की कीमत कईयों को चुकानी पड़ सकती है. सोमवार रात डीजीपी ने मामले की पूरी जानकारी ली. डीजीपी हेडक्वार्टर की विशेष मॉनीटरिंग से पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं. मंगलवार को गुलरिहा पुलिस ने गिरफ्तार दरोगा और सिपाहियों को कोर्ट में पेश किया. शाका के खिलाफ एसएसपी ने 25 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया है. डीजीपी हेडक्वार्टर की मॉनीटरिंग से पुलिस ने बदमाश की तलाश तेज कर दी है.

डीजीपी हेडक्वार्टर की मॉनीटरिंग, तेज हुई तलाश
17 अगस्त को देवरिया जिले के भाटपाररानी में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बरहज, फुलवरिया निवासी शाका पांडेय को अरेस्ट किया था. सिपाही के पेट में गोली मारकर भाग रहे शाका पुलिस की गोली से घायल हो गया था. इलाज के लिए उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. सोमवार को शाका का ऑपरेशन कर बदन में फंसी गोली निकलाने की तैयारी चल रही थी. रविवार देर रात टॉयलेट के बहाने शाका पुलिस हिरासत से फरार हो गया. गोली लगने का हवाला देकर उसने टॉयलेट में हथकड़ी खोलने को कहा था. उसकी बातों में आए पुलिस कर्मचारी धोखा खा गए. भाटपाररानी प्रभारी रविंद्र कुमार रवि की तहरीर पर एसआई तसरीफ अहमद, कांस्टेबल शिवेंद्र चौधरी, मनीष रौनियार और रवि सिंह के खिलाफ गुलरिहा थाना में केस दर्ज कराया गया. सोमवार रात डीजीपी हेडक्वार्टर ने बदमाश के फरार होने की रिपोर्ट तलब की. गुलरिहा के थाना प्रभारी को भी फटकार लगी.

बंदी के एडमिट होने की देंगे सूचना
शाका के फरार होने पर जिम्मेदार दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. छानबीन में सामने आया है कि कुख्यात बदमाश को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के दौरान लोकल पुलिस को सूचना नहीं दी गई. इसे अपराधी की निगरानी में बड़ी चूक माना गया. इसलिए किसी बदमाश को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने पर गुलरिहा पुलिस को सूचना दी जाएगी. मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी निगरानी करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी. रोजाना की जानकारी अधिकारियों को भी दी जाएगी. पुलिस अफसरों का कहना है इससे किसी तरह की चूक की संभावना नहीं रहेगी. शाका के पहले मेडिकल कॉलेज से चार अन्य बंदी भी फरार हो चुके हैं. इसलिए नई व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया जा रहा है.