प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री ने मेरठ प्रवास के दौरान किया खुलासा

हॉस्टल में बालिकाओं को उसी स्थिति में रखा जा सकेगा जब वे प्रोबेशन विभाग से पंजीकृत होंगे.

Meerut. भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने आई यूपी की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहाकि अब किसी भी हॉस्टल में बालिकाओं को उसी स्थिति में रखा जा सकेगा जब वे प्रोबेशन विभाग से पंजीकृत होंगे. खासकर कस्तूरबा विद्यालय की निगरानी के आदेश कैबिनेट मंत्री ने दिए.

कराना होगा पंजीकरण

कैबिनेट मंत्री ने दैनिक जागरण आईनेक्स्ट को बताया कि सरकार जल्द ही यह कानून लाने वाली है. कानून की जद में सभी सरकारी-गैरसरकारी संस्थाएं और शिक्षण संस्थान होंगे, जिनके आवासीय परिसर में बालक एवं बालिकाएं निवास करती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों के संचालन से पूर्व संबंधित को प्रोबेशन विभाग में पंजीकरण कराना होगा, सख्त कानून के साथ-साथ नियमित जांच की प्रक्रिया से हॉस्टल को गुजरना होगा. सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी इसकी जद में आएंगे. बाल कल्याण समितियां नियमित इन संस्थानों की सोशल आडिट करेंगी.

ठीकरा पूर्व सरकारों पर

कैबिनेट मंत्री ने कहाकि पूर्व में गठित बाल कल्याण समितियों ने कोई काम नहीं किया. जबकि इन समितियों का गठन बालक-बालिकाओं के कल्याण के किया गया था. नारी निकेतन अव्यवस्थाओं का शिकार थे तो वहीं एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम्स में सोशल ऑडिट नहीं होती थी. उन्होंने बाल कल्याण समितियों के पुनर्गठन का ऐलान भी इस दौरान किया.

अव्यवस्थाओं पर भड़की मंत्री

कैबिनेट मंत्री ने लालकुर्ती स्थित नारी निकेतन पर छापा मार दिया. एकाएक पहुंची मंत्री को परिसर में घोर अव्यवस्थाएं मिलीं. उन्होंने बताया कि यहां 3 कमरों में 87 महिलाएं और बालिकाएं रह रही हैं. जिसमें से 23 अर्धविक्षिप्त हैं. बाकी 64 में से ज्यादातर बालिकाएं हैं और उन्हें रहने में काफी दिक्कत हो रही है. बालिकाओं की शिक्षा का प्रबंध नहीं है तो कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था भी डीपीओ द्वारा नहीं की गई है. उन्होंने डीपीओ श्रवण कुमार गुप्ता को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि एनजीओ से बात कर बच्चियों को प्रशिक्षित किया जाएं. वहीं उन्होंने डीएम अनिल ढींगरा को एक टीचर भेजकर इन बच्चियों को पढ़ाने का बंदोबस्त करने के आदेश दिए.