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डीजल चोरी के खेल का खुलासा

उल्टा पड़ा दांव, तो खत्म हुई टैंकर ड्राइवरों की हड़ताल

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ALLAHABAD: चोरी का आरोप लगाकर इंडियन ऑयल के अफसरों को घेरने वाले चोर दरवाजे का खुलासा होने के बाद खुद चोर साबित हो गए हैं. इस नए खुलासे ने टैंकर चालकों को बैकफुट पर जाने पर मजबूर कर दिया है. उन्होंने अपनी स्ट्राइक कॉलऑफ कर ली है. उधर, आईओसी ने इस पर बड़ा रुख अख्तियार करते हुए उस कांट्रैक्टर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है जिसके टैंकरों से यह खेल खेला जा रहा था.

अफसरों की जांच में खुली चोरी

आईओसी अधिकारियों ने दो दिन से चल रही स्ट्राइक को सीरियसली लेते हुए खुद टैंकरों की जांच की. इस दौरान एक चोर दरवाजा पकड़ में आ गया. चेक करने पर पता चला कि इसके चलते 80 से 100 लीटर डीजल-पेट्रोल टैंकर में ही रह जाता था और किसी को पता भी नहीं चलता था. पोल खुलने पर टैंकर ड्राइवरों ने जहां हड़ताल समाप्त कर दी. आईओसी ने पकड़े गए टैंकर को प्रतिबंधित करने के साथ ही ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है.

जिद पर अड़े थे ड्राइवर व अफसर

टैंकर चालक पिछले दिनों जांच के लिए पकड़े गए टैंकरों को बिना जांच के ही छोड़े जाने की मांग कर रहे थे. इसी मांग को लेकर हड़ताल कर रहे थे. साथ में तेल चोरी का भी आरोप लगा रहे थे. वहीं आईओसी के अधिकारी जांच के बाद टैंकर छोड़े जाने की बात कह रहे थे. दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े थे. इसका नतीजा था कि दर्जनो पेट्रोल पम्पों से तेल लेने वाली पब्लिक झेल रही थी. शुक्रवार को लखनऊ से आए जीएम आपरेशन वीके वर्मा ने टैंकरों की जांच का आदेश दिया. पेट्रोल पंप मालिकों के साथ ही ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों को भी बुलाया गया और फिर सभी के सामने टैंकरों की जांच शुरू हुई. इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई. टैंकरों की जब जांच शुरू हुई तो टैंकर के अंदर एक चोर टैंक दिखाई दिया. जिसके लिए चोर दरवाजा बना था. इस चोर टैंक में ही 80 से सौ लीटर डीजल पेट्रोल इकट्ठा होता था और किसी को पता भी नहीं चलता था.

महाकाल ट्रांसपोर्ट के थे टैंकर

टैंकर में चोर दरवाजे व चोर टैंक के थ्रू तेल चोरी होने का खुलासा होने के बाद टैंकर ड्राइवरों का आरोप गलत साबित हुआ जिन तीन टैंकरों की जांच हुई वे महाकाल ट्रांसपोर्ट की बताई जा रही हैं, जिन्हें आईओसी झलवा डीपो में प्रतिबंधित कर दिया गया है. इलाहाबाद पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ असफाक, सचिव रोहित केशरवानी सहित सभी पदाधिकारियों ने टैंकर के जरिये हो रही चोरी का खुलासा होने पर ट्रांसपोर्टर को प्रतिबंधित किए जाने की मांग की है. साथ ही अब ट्रांसपोर्टर पर क्लेम करने का भी मन बनाया है, जिसकी वजह से उन्हें लंबा घाटा हुआ.

पेट्रोल पंप मालिकों के साथ ही ट्रांसपोर्टर व ड्राइवरों के सामने टैंकरों की जांच कराई गई. इसमें चोर दरवाजे का पता चला. इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है. सब कुछ सामने आने के बाद स्ट्राइक समाप्त हो गई है.

वीके वर्मा

जीएम, ऑपरेशन, आईओसी

इस प्रकरण से हमारी किरकिरी भी हुई है और नुकसान भी. पब्लिक को भी झेलना पड़ा है. हम अपने स्तर पर भी कार्रवाई के बारे में सोच रहे हैं.

मोहम्मद अशरफ असफाक

अध्यक्ष, इलाहाबाद पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन