- डीडीयूजीयू हॉस्टल्स में देर रात तक तैयार हो रही रणनीति, बन रहे समीकरण

- लगा रहता है गाडि़यों का रेला, हॉस्टलर्स के बीच हो रहा में प्रचार-प्रसार

GORAKHPUR: डीडीयूजीयू छात्रसंघ चुनाव नजदीक आने के साथ ही छात्र नेताओं का प्रचार-प्रसार जोर पकड़ता जा रहा है. अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए समर्थकों की टोली की सक्रियता हॉस्टल्स में भी बढ़ गई है. जहां हर रात चुनावी रणनीति बन-बिगड़ रही है. गोरखपुर के विभिन्न इलाकों में बिखरे हुए वोटर्स की पहचान कर उनके लिए रणनीति तैयार की जा रही है, तो समर्थकों की संख्या बढ़ाने के लिए बाहरी तत्वों को भी तरजीह दी जा रही है. हॉस्टल्स में छात्रनेता, प्रत्याशी व समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है. एकमुश्त वोट मिलने की उम्मीद में सुबह से लेकर देर रात तक यहां छात्र नेताओं का मजमा लगा रहता है. रात में अक्सर नेताओं के समर्थक आमने-सामने आ जाते हैं जिससे छात्रों की पढ़ाई भी बाधित होती है, लेकिन चुनाव के इस माहौल को वह भी इंज्वॉय कर रहे हैं.

दिन में शांति, रात में चुनावी शोर

चुनाव की डेट आने के बाद से ही हॉस्टल्स के अंदर रात में आने वाली गाडि़यों की चहल-पहल बढ़ गई है. हॉस्टल्स में आने वाले छात्रनेता वोट की अपील करने के लिए फील्ड में खड़े होकर भाषण देते हैं, तो उनके समर्थक सभी कमों में जाकर पर्चे बांटते हैं. हॉस्टलर्स ने बताया कि छात्रनेता आते हैं और डोर टू डोर प्रचार कर वापस लौट जाते हैं. रात में अक्सर ऐसा होता है कि ज्यादा संख्या में छात्रनेता आ जाते हैं और जमकर नारेबाजी होती है. दिन में छात्रनेता इसलिए कम आते हैं क्योंकि स्टूडेंट्स कोचिंग या किसी अन्य काम से बाहर गए होते हैं. हॉस्टलर्स ने बताया कि देर रात तक गाडि़यों की चहल-पहल बनी रहती है. रविवार व सोमवार को जन्माष्टमी की छुट्टी होने के कारण दोनों दिन हॉस्टल्स में प्रत्याशी व समर्थक दिन-रात एक्टिव रहे.

जिन्हें कभी नहीं देख अब देख रहे

चुनाव में बहुत से ऐसे प्रत्याशी दावेदारी कर रहे हैं जिन्हें खुद छात्र भी नहीं पहचानते हैं. कई बार तो अनुमान से प्रत्याशी का पता लगाना पड़ रहा है, जैसे समर्थकों के झुंड में सफेद कपड़ों वाला ही छात्रनेता होगा. हॉस्टलर्स ने बताया कि समर्थन मांगने आ रहे छात्रनेताओं में ऐसे चेहरे भी हैं जिन्हें इससे पहले कभी नहीं देखा था. जब से छात्रसंघ चुनावों की घोषणा हुई है ऐसे लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. चुनाव के दौरान दिखने वाले इन नेताओं को मौसमी नेता का नाम दे रहे हैं.

मुद्दों पर नहीं हो रही बात

हॉस्टलर्स ने बताया कि यहां की कई समस्याएं हैं जो कई साल से जस की तस बनी हुई हैं. लेकिन इन पर छात्रनेता बात नहीं कर रहे हैं. डीडीयूजीयू के लगभग सभी हॉस्टल्स में शौचालय की गंदगी, साफ पानी, बिजली की अनियमितता, वाई-फाई व सुरक्षा जैसी समस्याएं हैं. सभी छात्रों को इन्हें झेलना पड़ता है लेकिन छात्रनेता इन समस्याओं को नहीं उठा रहे हैं. साफ-सफाई व शौचालयों की गंदगी को लेकर कई बार शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है.

कोट्स

पहली बार छात्रसंघ चुनाव में वोट देने को लेकर उत्साहित हूं. हॉस्टल में प्रचार के लिए सभी छात्रनेता आ रहे हैं. लेकिन छात्रों की समस्याओं पर बात नहीं हो रही है.

रंजीत चौधरी, बीए

चुनाव प्रचार शबाब पर है. हर छात्रनेता खुद को दूसरे से बेहतर बता रहा है. कई तो ऐसे हैं जिन्हें पहली बार देख रहा हूं.

- अजय मद्देशिया, बीए