बाल आयोग की मीटिंग में सामने आई स्थिति

पीएमओ से लेटर के बावजूद नहीं रखे जा रहे हैं स्पेशल टीचर

बाल आयोग की अध्यक्ष ने लगाई फटकार

देहरादून।

सरकारी स्कूलों से दिव्यांग बच्चों की संख्या तेजी से घट रही है। वर्ष 2009-10 में जहां 22930 दिव्यांग बच्चे राज्यभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ते थे। वहीं हाल में हुए सर्वे में इनकी संख्या 6391 दर्ज की गई। स्कूलों में पीएमओ के निर्देश के बाद भी स्पेशल टीचर्स की भर्ती भी नहीं की जा रही है। जिसको लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष भड़क गईं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस ओर तेजी से सुधार करने के निर्देश दिए।

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शासन को भेजा है प्रस्ताव

इस मौके पर अपर राज्य परियोजना निदेशक शिक्षा विभाग अर्जुन फलिना और उप निदेशक हेमलता भट्ट ने बताया कि 47 ब्लॉक में 47 स्पेशल टीचर नियुक्त कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि जब केंद्र से इसके लिए फंड मिलना है तो सीधे भर्ती की जाए।

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एक्सपर्ट न होने से नहीं बन पा रहे प्रमाण पत्र

इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ये असमर्थता जताई गई कि डिसेबिलिटी को मापने वाले एक्सपर्ट उनके पास नहीं है और यंत्रों का भी अभाव है। ऐसे में हजारों बच्चों के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इस पर एनआईवीएच के अधिकारियों ने टाईअप कर उनकी ओर से सुविधा देने की बात कही गई।

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बस से न उतारें बच्चों को

इस मौके पर आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि अक्सर बसों में दो दिव्यांग बच्चों की सीट रिजर्व होने की बात कहते हुए अन्य बच्चों को बस से उतार दिया जाता है। जबकि उनको मदद की जरूरत है तभी तो वह ग्रुप में निकलते हैं। कहा कि ऐसा न किया जाए बल्कि उन सभी को बस में सीट दिलाई जाए। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग आदि के अधिकारी उपस्थित थे।