-एबीवीपी और लॉ स्टूडेंट्स के बीच जमकर हाथापाई और बवाल

-पुलिस की मौजूदगी में चले पत्थर, बल्ली और पेड़ों की डालियों को लेकर मारपीट

-अध्यक्ष पद प्रत्याशी के समर्थकों के बीच होती रही मारपीट

-शांत न होने पर पुलिस ने चटकाई लाठियां

-आनन-फानन में प्रॉक्टर ने बंद कराई यूनिवर्सिटी

GORAKHPUR: डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्र नेताओं की लॉ टीचर से बदसलूकी के बाद यूनिवर्सिटी जंग का अखाड़ा बन गई. पहले लॉ स्टूडेंट्स ने छात्रनेता के समर्थकों की पहले डिपार्टमेंट में धुलाई की, फिर बाद में दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई. इसे काबू में करने के लिए पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी. हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने लॉ स्टूडेंट और अध्यक्ष पद प्रत्याशी की जमकर धुनाई की और थाने उठा ले गई. लॉ स्टूडेंट्स के अड़ जाने के बाद दोपहर बाद पुलिस ने छात्रनेता को छोड़ना पड़ा. आनन फानन में चीफ प्रॉक्टर ने तत्काल यूनिवर्सिटी बंद करा दी. घटना के बाद शिक्षक संघ ने चुनाव में कार्य बहिष्कार करने की बात कही है और इस संबंध में कुलपति को ज्ञापन भी सौंप दिया है. देर शाम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बैठक कर चुनाव अगले आदेश तक स्थगित कर दिया.

प्रचार के दौरान हुआ विवाद

गोरखपुर यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट में मंगलवार सुबह क्लासेज चल रही थी. इस बीच एबीवीपी कैंडिडेट रंजीत सिंह अपने सहयोगियों के साथ वहां प्रचार करने के लिए पहुंचा. छात्रों का आरोप है कि इस दौरान रंजीत के समर्थक नारेबाजी करने लगे. शोर सुनकर विभाग के शिक्षक शिवपूजन सिंह पहुंचे और क्लास के बाद आने की बात कहकर उन्हें लौटाने की बात कही. लेकिन इस पर समर्थकों ने विरोध किया और बहस-तकरार शुरू हो गई. बवाल इतना बढ़ गया कि छात्र नेता के समर्थकों ने शिक्षक का कॉलर पकड़ लिया.

पकड़ा कॉलर तो बिगड़ी बात

छात्र नेताओं ने जैसे शिक्षक का कॉलर पकड़ा, मामला बिगड़ गया. छात्र नेता के समर्थकों ने उन्हें मारने के लिए कुर्सी और गमले उठा लिए. इसकी सूचना मिलते ही विभाग के एक और शिक्षक अभय मल्ल बीच बचाव में पहुंचे. प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जैसे ही वह आगे बढ़े, उनसे भी हाथापाई शुरू हो गई. इसकी सूचना मिलने पर छात्र आग बबूला हो गए और छात्र नेता के समर्थकों को मारने के लिए दौड़ा लिया. इस दौरान कुछ जद में आए, तो वहीं कुछ भाग निकले. लॉ स्टूडेंट्स ने एबीवीपी समर्थकों की गाड़ी भी तोड़ दी.

समर्थकों के साथ धरने पर बैठा रंजीत

विभाग में हुई घटना के बाद रंजीत अपने समर्थकों के साथ यूनिवर्सिटी मेन गेट पर जाकर बैठ गया. उनका आरोप था कि विभाग के अध्यक्ष उन्हें चुनाव प्रचार करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. ऐसा इसलिए कि वहां विभाग के अनिल दुबे को एबीवीपी से टिकट नहीं मिला है, जबकि वह इसके लिए काफी दिनों से कोशिश में लगा था. यहां के छात्र कनविंस न हो जाएं और विभाग का वोट कहीं और न जाए, इसलिए भी वह चुनाव प्रचार नहीं करने दे रहे हैं.

मेन गेट पर शुरू हुई बहस

धरने पर एबीवीपी के कार्यकर्ता बैठे थे और अपना विरोध जता रहे थे कि इस बीच अध्यक्ष पद प्रत्याशी अनिल दुबे अपने समर्थकों के साथ मेन गेट पहुंचा. गेट बंद होने की वजह से पहले अंदर से ही दोनों गुटों में बहस होने लगी, इसके बाद मामला इतना बढ़ गया कि गेट खोलकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए. करीब पांच मिनट चली इस मारपीट में एक छात्र का सिर फूट गया, वहीं दर्जनों छात्र नेताओं और उनके समर्थकों को चोटें आई. लेकिन जब लॉ डिपार्टमेंट के और भी स्टूडेंट्स ने मेन गेट का रुख किया, तो एबीवीपी समर्थक वहां से भ्ाग निकले.

तमाशबीन बनी पुलिस

यूनिवर्सिटी गेट के सामने से लेकर गेट के अंदर दोनों गुट एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीटते रहे. लेकिन वहां मौके पर मौजूद पुलिस, पीएसी और यहां तक कि यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड तमाशबीन बनकर घटना को देखते रहे. इस बीच छात्र नेताओं के समर्थकों ने खूब उत्पाद मचाया, लेकिन किसी ने एक लफ्ज तक कहने की हिम्मत नहीं की. चीफ प्रॉक्टर भी गार्ड रूम में मजबूर बने बैठे रहे. घटना की जानकारी होने पर एसपी सिटी विनय सिंह मौके पर पहुंच गए और हालात को बेकाबू होता देख उन्होंने तत्काल एक्शन लिया.

किसी को भी नहीं बख्शा

छात्र नेताओं के बीच हुई हाथापाई को रोकने के लिए पुलिस ने खूब लाठियां भांजी. इस दौरान वह भी इसकी जद में आए, जो किन्हीं वजहों से यूनिवर्सिटी पहुंचे थे. पुलिस ने जमकर लाठियां चलाई. इस दौरान अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अनिल दुबे को जमकर लाठियां पड़ी और पुलिस उसे उठाकर कैंट थाने ले गई. इसके बाद दूसरे छात्रों को विभाग की ओर, जबकि उपद्रवियों को सड़क पर तीनों ओर दूर तक खदेड़ दिया गया. बाद में पुलिस ने विभाग की ओर जाकर उपद्रवियों की तलाश की और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया.

बॉक्स - 1

वापसी की मांग पर अड़े छात्र

अनिल दुबे की गिरफ्तारी के बाद लॉ स्टूडेंट्स ने पहले विभाग में हंगामा किया और एसपी सिटी की मौजूदगी में अनिल दुबे को वापस लाने की मांग रखी. तत्काल वापसी न होने पर गुस्सा छात्र मेन गेट के सामने लगे 100 फीट ऊंचे तिरंगे के नीचे धरने पर बैठ गए और अनिल दुबे की वापसी तक वहीं डटे रहने की बात करते रहे. दोपहर बाद पुलिस ने अनिल दुबे को छोड़ दिया. इसके बाद वह जिला अस्पताल इलाज के लिए गया और वापस यूनिवर्सिटी में पहुंच गया. इसके बाद छात्र वहां से वापस लौटे.

बॉक्स - 2

धरने पर बैठा रंजीत

मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद एबीवीपी के कार्यकर्ता रंजीत सिंह के नेतृत्व में एसएसपी आवास पर जाकर धरने पर बैठ गए. उनकी मांग थी कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं को मारने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करे. काफी देर तक वह धरने पर बैठे रहे.

बॉक्स - 3

शिक्षक संघ ने किया चुनाव बहिष्कार

छात्रों के साथ हुए दु‌र्व्यवहार की घटना के बाद शिक्षक संघ की मीटिंग हुई. इसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि शिक्षक संघ छात्रसंघ चुनाव का बहिष्कार करेगा. उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ चुनाव में कोई सहयोग नहीं कर रहा है और इस संबंध में उन्होंने वीसी प्रो. वीके सिंह को अवगत भी करा दिया है. साथ ही शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि शिक्षकों पर हमला करने वाले मनबढ़ों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो शिक्षक संघ कार्य बहिष्कार करेगा.

दो दिन बंद रहेगी गोरखपुर यूनिवर्सिटी

एक तरफ जहां गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बवाल के बाद क्लासेज स्थगित कर दी गई हैं, तो वहीं 12 और 13 सितंबर को भी यूनिवर्सिटी ने सभी शैक्षणिक कार्य कैंसिल करने का फैसला किया है. रजिस्ट्रार की ओर से जारी लेटर में चुनाव की तैयारियों को लेकर शैक्षणिक कार्य स्थगित करने की बात कही गई है.