-शुक्रवार को डिक्लेयर किया जाएगा चुनाव अधिकारी

-वीसी के आश्वासन के बाद खत्म हुआ अनशन

GORAKHPUR: डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के लिए तैयार है. इस मामले में राज्यपाल और सीएम से अनुमति भी मिल चुकी है. यह घोषणा वीसी प्रो. वीके सिंह ने गुरुवार को धरने पर बैठे छात्रों के सामने की, जिसके बाद पिछले एक हफ्ते से चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया. वीसी ने बताया कि शुक्रवार को चुनाव अधिकारी का नाम घोषित कर दिया जाएगा, जिसके बाद वह अपने लेवल से इलेक्शन शेड्यूल जारी करेगा और उसी के हिसाब से इलेक्श्ान होंगे.

लिंगदोह के हिसाब से इलेक्शन

वीसी ने साफ किया है कि यूनिवर्सिटी में होने वाले इलेक्शन में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पालन किया जाएगा. जो भी इसके हिसाब से जेनविन कैंडिडेट होगा, वह चुनाव लड़ सकता है. वहीं जो इसके मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं, उन्हें किसी भी हाल में इसमें शामिल नहीं होने दिया जाएगा. इससे पहले 2016-17 में हुए चुनाव में भी यूनिवर्सिटी ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ही चुनाव कराया था, जिसमें कई दिग्गज नेता रेस से बाहर हो गए थे.

एडी बिल्डिंग से हट गए टेंट

चुनाव की मांग को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक हफ्ते से अनशन पर थे. उनकी मांग थी कि जब तक यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव की डेट नहीं डिक्लेयर कर देता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. गुरुवार को वीसी ने राज्यपाल और सीएम से हरी झंडी मिलने के बाद छात्रों के पास खुद पहुंचकर चुनाव कराने की जानकारी दी. वीसी की घोषणा के एक घंटे बाद ही एडी बिल्डिंग में लगे टेंट और दूसरे सामान हट गए. घोषणा के फौरन बाद स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी कैंपस में 'छात्र एकता जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए पहुंचे.

लास्ट इयर हुआ था बवाल

2017-18 में भी गोरखपुर यूनिवर्सिटी चुनाव कराने के लिए तैयार थी, लेकिन शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद यह कैंसिल हो गया था. चुनाव न होने से नाराज छात्रों ने जमकर बवाल काटा था, जिसकी वजह से उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज हुआ था. इस बार भी उच्च शिक्षा मंत्री ने चुनाव पर कोई फैसला न लेने के निर्देश दिए थे, जिस पर नाराज छात्र धरना प्रदर्शन पर बैठ गए थे. छात्रों का कहना था कि वीसी सिर्फ राज्यपाल के लिए जवाबदेह है, इसलिए वह उन्हीं से परमिशन लें. इसके बाद वीसी ने राज्यपाल को लेटर भेजा था, जिसमें उन्हें चुनाव कराने के लिए हरी झंडी मिली गई है.