चीफ प्राक्टर ने थमाई नोटिस, 25 तक लिखित जवाब दाखिल करने का मौका

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PRAYAGRAJ: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। छात्रसंघ अध्यक्ष को दो-दो छात्रावास में कब्जे का दोषी पाया गया है। शनिवार को हालैंड हाल में पुलिस बल की कार्रवाई के दौरान उन्हें प्राचार्य के कक्ष में रहते हुए पाया गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो। राम सेवक दुबे की ओर से कारण बताओ नोटिस थमा दी गई है। बता दें कि उदय प्रकाश यादव विधि प्रथम वर्ष के छात्र हैं। देवरिया के मूल निवासी अध्यक्ष को हालैंड हाल में कक्ष संख्या पांच आवंटित है।

तथ्यों को भी छिपाया

कारण बताओ नोटिस में चीफ प्रॉक्टर ने कहा है कि छात्रावासों में आपराधिक गतिविधियों को हाई कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद प्रशासन द्वारा अवैध कब्जेदारों का तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जांच में पता चला कि उदय प्रकाश यादव ने डॉ। ताराचंद छात्रावास में फीस रसीद नं। 2310 दिनांक 11 जनवरी 2018 के द्वारा 14,500 रुपए जमा करके कक्ष संख्या 3/33 को अपने नाम आवंटित करा लिया। नोटिस में प्रमाण स्वरुप उदय का आवेदन पत्र, शुल्क रसीद, शपथ पत्र आदि संलग्न किया गया है। कहा गया है कि उदय ने आवेदन पत्र में तथ्यगोपन करते हुए अपने एमए राजनीतिशास्त्र परिचय पत्र संख्या का उल्लेख नहीं किया। उदय यादव ने एक ही समय में दो छात्रावासों में दो कमरे आवंटित कराए।

खुद उपस्थित हों, नहीं तो कार्रवाई

यह भी कहा गया है कि शुक्रवार को छात्रावासों में अवैध छात्रों की जांच के समय उदय ने केपीयूसी, सर जीएन झा और डॉ। राधाकृष्णन छात्रावासों में पहुंचकर कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया। इससे यह भी सिद्ध होता है कि अनेक छात्रावासों में इस प्रकार की प्रवृत्तियों में उदय की संलिप्तता बनी हुई है। उनके द्वारा किया गया यह कृत्य छात्रावास नियमावली और विधि विरुद्ध तथा छात्र अनुशासनसंहिता के अनुसार दंडनीय एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। यह इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष के सम्मान के प्रतिकूल है। उदय से कहा गया है कि वह 25 अप्रैल को स्वयं उपस्थित होकर लिखित रूप से बताएं कि उन्होंने ऐसा कृत्य क्यों किया और क्यों न उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक और विधिक कार्यवाही की जाए ? बता दें कि कार्रवाई के विरोध पर एसपी सिटी ने छात्रसंघ अध्यक्ष को शुक्रवार को ही कड़ी हिदायद दी थी।

मुझे एलएलबी की प्रवेश परीक्षा में 183 अंक मिले थे। इतने अंक में ताराचन्द हास्टल एलाट कैसे किया गया? यह बड़ा सवाल है। चीफ प्रॉक्टर मुझे फंसा रहे हैं। ताराचन्द के दस्तावेज भी फर्जी हैं। विवि रामसेवक दुबे की वजह से गर्त में जा रहा हैं। उन्होंने वीसी की चाटुकारिता की हद पार कर दी है।

उदय प्रकाश यादव,

छात्रसंघ अध्यक्ष