RANCHI: जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र का चंदाघासी गांव. शनिवार के दोपहर क्ख् बजे का समय और सफायर इंटरनेशनल स्कूल में मृत सातवीं क्लास के छात्र विनय का घर. घर के आगे गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है. विनय के पिता मन बहाल महतो ने भर्राई आवाज में कहा-घर का रौनक चला गया. मां कशीला देवी और फुआ की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. मासूम विनय के साथ क्या बीती होगी, तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इसी स्कूल में विनय के दो और भाई भी पढ़ते हैं. इस पर मन बहाल महतो कहते हैं कि पता नहीं किस मनहूस घड़ी में मैंने अपने बेटों को सफायर में पढ़ाने का निर्णय लिया था. अब तो मैं एक दिन भी इस स्कूल में बच्चों को नहीं रहने दूंगा. विनय के पिता ने फैसला किया है कि अब दोनों बच्चों को वह दूसरे स्कूल में पढ़ाएंगे.

बहुमुखी प्रतिभा का धनी था विनय

क्फ् साल का विनय कुमार महतो बहुमुखी प्रतिभा का धनी था. स्वीमिंग, स्केटिंग, डांसिंग व बैडमिंटन खेलना उसके प्रमुख शौैक में से थे. पिछले ही साल गुड़गांव में आयोजित इंटरनेशनल स्कूल कॉम्पटीशन में उसने गोल्ड मेडल जीता था. इसके अलावा जमशेदपुर में आयोजित इंटर स्कूल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भी उसे गोल्ड मेडल मिला था. वहीं, रांची के खेलगांव में भी उसने अपनी तैराकी का हूनर दिखाया था.

मां से क्या कहना चाहता था विनय?

घरवालों से विनय की अंतिम बार फोन पर रविवार को बातचीत हुई थी. रात 8.फ्0 बजे से 9.फ्0 बजे के बीच हर रविवार को वह बात करता था. रविवार को भी उसने मां-पिता व बुआ से बातचीत की थी. 9 बजे उसने दोबारा कॉल किया था. इस बार उसने मां से बात करने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन मां किसी काम में व्यस्त थीं. इस वजह से उनकी बात नहीं हो सकी. विनय के पिता कहते हैं कि सारी बातें वह मां को ही बताता था. विनय कुछ कहना चाहता था, लेकिन मां किसी काम में व्यस्त थीं. ऐसे में उसने कहा था कि अगली बार मां से बात करूंगा.

स्कूल में छोटे भाई की भी हुई थी पिटाई

विनय से छोटे भाई विवेक की भी पिटाई स्कूल में दत्ता नामक एक टीचर ने की थी. उसने विवेक को डराया भी था. विवेक ने बताया कि दत्ता सर ने कहा था कि अगर घर में बताया तो गरम लोहे की रॉड से मारेंगे. इस घटना के बाद जब विवेक घर आया, तो कई दिनों तक स्कूल नहीं गया था. लेकिन बाद में मां के समझाने के बाद वह स्कूल जाने को राजी हुआ.

एनुअल डे पर पार्टिसिपेट करने वाला था विनय

मृत छात्र विनय स्कूल के एनुअल डे प्रोग्राम में पार्टिसिपेट करने वाला था. इसके लिए वह काफी दिनों से तैयारी भी कर रहा था. रविवार को घर पर हुई आखिरी बात में उसने मम्मी पापा से कहा था कि आपलोग पहले आना और आगे बैठना. सबसे पहला डांस मेरा ही होने वाला है. विनय के मम्मी पापा ने कहा था कि हां समय से पहले ही पहुंचेंगे. विनय के पिता मन बहाल महतो कहते हैं कि हमलोग कितने अभागे हैं कि अपने बेटे का डांस भी नहीं देख पाए.

खाने के टेबल पर हुई थी भाइयों की आखिरी मुलाकात

विनय, विवेक व विपुल तीनों भाइयों की मुलाकात गुरुवार को डिनर टेबल पर हुई थी. विपुल सबसे छोटा भाई है. वह पहली क्लास में पढ़ता है. जूनियर ग्रुप के स्टूडेंट्स का डिनर आधा घंटे पहले होता है. इसलिए 7.फ्0 बजे विनय अपने सबसे छोटे भाई विपुल से आकर मिला था. विपुल बताता है कि भैया ने मेरे गाल पर चिकोटी काटी और पूछा क्या खाया. विपुल ने बताया कि उस रात डिनर में उसने चावल, दाल व न्यूट्रिला की सब्जी खाई थी. इसके बाद 8 बजे विनय व विवेक ने डिनर किया था. दोनों अपने दोस्तों के साथ अलग-अलग टेबल पर बैठे थे. विनय और विवेक ने आखिरी दिन यानी गुरुवार को चावल, दाल व सब्जी खाई थी. विवेक ने बताया कि मैंने भइया से पूछा था कि बुखार कैसा है, तो विनय ने बताया था कि बुखार नहीं है. आज से हॉस्टल चला जाऊंगा.