एनसीईआरटी ने जारी की गाइडलाइन

स्कूलों में समय-समय पर आयोजित की जाएंगी सेमिनार

Meerut. डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर क्राइम भी तेजी से बढ़ रहा है. स्कूल भी इससे अछूते नहीं हैं. इसके तहत नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने साइबर सिक्योरिटी के लिए गाइडलाइन तैयार की है. बच्चों को साइबर सुरक्षा की जानकारी देने के लिए स्कूलों को जागरूक सप्ताह का आयोजन करना होगा.

बच्चों की बढ़ेगी कानूनी समझ

एनसीईआरटी के मुताबिक साइबर सिक्योरिटी और सेफ्टी के तहत स्कूल प्रबंधन, टीचर और स्टूडेंट्स सभी को इसकी समझ होनी चाहिए. साथ ही कानूनी पहलुओं की भी जानकारी होनी चाहिए, जिससे साइबर अपराध से बचा जा सके.

तीन भागों में गाइडलाइन एनसीईआरटी ने तीन भागों में गाइडलाइन जारी की है. इसे यूपी बोर्ड व सीबीएसई दोनों की तरह के स्कूली सिलेबस में जोड़ा जाएगा. इसके अलावा स्कूलों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे समय-समय पर इस विषय पर सेमिनार आयोजित कराएं. स्कूलों में साइबर सेफ्टी पर जागरूकता सप्ताह भी आयोजित करें. इसके अलावा एडवोकेट या एक्सपर्ट को स्कूलों में बुलाकर छात्रों को इस विषय में जागरूक करे.

इन पर लगेगी रोक

गाइडलाइन के तहत स्कूलों के कंप्यूटर्स पर यूएसबी के प्रयोग पर रोक लगेगी.

स्कूलों की कंप्यूटर लैब व अन्य सिस्टम को भी अधिकृत लोग ही प्रयोग करेंगे.

किसी वेबसाइट पर बार-बार फ्लैश होने वाले विज्ञापनों को भी स्कूलों को बैन करना होगा.

अगर डेस्कटॉप पर कोई नया आईकॉन दिखाई दिया तो उसकी भी जांच करनी होगी.

यह एक बेहतर पहल है. जिस हिसाब से साइबर क्राइम बढ़ रहे हैं उसके लिए इस तरह की पहल करना जरूरी है.

प्रीति मल्होत्रा, प्रिंसिपल, द आर्यंस स्कूल

स्कूलों में अगर बच्चों को इस तरह की जानकारी मिलती हैं तो वह शुरु से ही सचेत होकर चलेंगे. खासतौर से लड़कियों के लिए यह बेहद जरूरी है.

चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल, सेंट जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल