बालासोर (एजेंसियां)। इंडिया ने स्वदेशी तकनीक से एक हजार किलोमीटर तक मारक क्षमता वाली सब-सोनिक क्रूज मिसाइल 'निर्भय' का सफल परीक्षण कर लिया है। ओडिशा की टेस्टिंग रेंज से यह परीक्षण हुआ। इस मिसाइल को डीआरडीओ ने डेवलप किया है। यह ब्रह्मोस से तीन गुना ज्यादा दूरी तक मार कर सकती है और इसकी क्षमता अमेरिका की फेमस टॉमहॉक मिसाइल के बराबर है। निर्भय मिसाइल 300 किलोग्राम तक के परमाणु वारहेड को अपने साथ ले जा सकती है और बिना भटके अपने निशाने पर अचूक मार करने में सक्षम है। सेना में शामिल होने के बाद पूरा पाकिस्तान इसकी जद में होगा।

निर्भय' मिसाइल की खास बातें

'निर्भय' मिसाइल 1000 किमी तक वार करने में सक्षम है। निर्भय 1500 किलोग्राम मिसाइल का वजन है। यह 300 किलो वॉरहेड कैरी करने की क्षमता रखती है। 1,000 किलोमीटर दूरी तक वार कर सकने में सक्षम है। यह 06 मीटर लंबी, 0.52 मीटर चाैड़ी है। वहीं 2.7 मीटर विंग स्पैन है। 'निर्भय' 0.6 से लेकर 0.7 मैक तक की स्पीड से वारहेड ले जाने की क्षमता वाली है।

क्या होती हैं क्रूज मिसाइल ?

क्रूज मिसाइलें कम ऊंचाई पर उड़ती हैं और इन्हें एक कंप्यूटर के जरिए गाइड करके लक्ष्य पर निशाना लगाया जा सकता है।
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जानें ब्रह्मोस और निर्भय मिसाइल में क्या अंतर

* निर्भय मिसाइल शक्तिशाली ब्रह्मोस से तीन गुना ज्यादा ताकतवर है।
* 'द डिप्लोमेट' की रिपोर्ट के अनुसार, पहले डीआरडीओ निर्भय मिसाइल प्रोग्राम बंद करने का मन बना चुका था।
* इसका सबसे जरूरी कारण था इंडिया के पास पहले से बहुत शक्तिशाली ब्रह्मोस मिसाइल का होना।
* ब्रह्मोस बहुत ही दमदार क्रूज मिसाइल है, लेकिन इसकी रेंज 290 किमी ही है।
* हालांकि, इंडिया एक 800 किमी की रेंज वाली ब्रह्मोस-ईआर मिसाइल बनाने का प्रयास भी कर रहा है।

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