बंगलादेश के एक्टर 'अशर्फुल अलोम सईद’ उर्फ 'हीरो अलोम’ एक समय हिंदुस्तान में छाए रहे। साइबर स्पेस पर हीरो अलोम ट्रेंड कर रहे थे। हमें इस बात को हजम करना थोड़ा मुश्किल था कि एक सांवले रंग का और दुबला पतला, छोटे कद का हीरो कैसे हो सकता है। क्योंकि हमने कभी ऐसा हीरो देखा ही नहीं, इसलिए इस बात को हजम करना थोड़ा मुश्किल है। उनकी प्रसिद्धी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बांग्लादेश के बड़े-बड़े क्रिकेट खिलाड़ी भी उनके साथ फोटो खिंचवा चुके हैं। अलोम बचपन से चनाचुर बेचा करते थे और रात को घर आकर एक्टिंग की प्रैक्टिस करते। जब उनकी उम्र 10 साल की थी तब उनके पिता ने दूसरी शादी कर ली और उनके साथ-साथ उनकी मां को भी घर से बाहर निकाल दिया।

गरीबी के कारण इन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और बचपन में ही काम पर लग गए। उनका सपना था हीरो बनने का और आज वो अपने उस सपने को खुल के जी रहे है। 2008 में इन्होंने अपनी पहली वीडियोएलबम बनाई और लोकल केबल टीवी पर प्रसारित किया, जिसकी तारीफ काफी लोगों ने की। तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा औए एक के बाद एक वीडियो में नजर आने लगे। शुरुआत में लड़कियां अलोम के रंग-रूप की वजह से उनके साथ काम करने के लिए राजी नहीं होती थीं, लेकिन उन्होंने अपनी इस कमी को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और अपनी मेहनत और जज्बे से बड़े-बड़े मुकाम हासिल किये।

काम की बात

हममें से कई लोग ऐसे है जो समाज के डर से काम ही नहीं करते और लोगों की सोच को अपनी सोच बना लेते हैं। हीरो अलोम की इस कहानी से आप यह सीख सकते हैं कि अगर आप किसी चीज में सफलता पाना चाहते हैं तो उसके लिए दो चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं। पहली, अपनी कमजोरियों को अपनी ताकत बनाएं और दूसरी, कभी यह न सोचें कि लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे।

नजरिया तय करती है आपकी सफलता, इस कहानी से ले सकते हैं प्रेरणा

सफलता की ऐसी कहानी, जो बदल देगी आपके सोचने का नजरिया

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