- सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्रेनिंग के लिये वर्चुअल क्लास का किया शुभारंभ

- कहा, 42 हजार कॉन्सटेबल भर्ती प्रक्रिया जारी, अगले साल होंगे 35 हजार कॉन्सटेबल भर्ती

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LUCKNOW : सीएम योगी आदित्यनाथ बुधवार को ट्रेनी कॉन्सटेबल्स के लिये शुरू की जा रही वर्चुअल क्लास का उद्घाटन किया. इंदिरा भवन स्थित यूपी पुलिस ट्रेनिंग डायरेक्टरेट में स्थापित वर्चुअल क्लास के स्टूडियो से प्रदेश भर में 33 हजार ट्रेनी कॉन्सटेबल्स से रूबरू सीएम योगी ने कहा कि वे सफलता के लिये शॉर्टकट न अपनाएं. इससे मिलने वाली सफलता टिकाऊ नहीं होती. उन्होंने उम्मीद जताई कि कंप्यूटर में दक्ष पुलिसकर्मी आगे साइबर क्राइम के नियंत्रण के नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि कॉन्सटेबल के पदों पर रिक्तियों का असर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर पड़ रहा था. इसी को देखते हुए सत्ता संभालते ही उन्होंने पुलिस भर्ती पर विशेष ध्यान दिया. उन्होंने बताया कि 42 हजार कॉन्सटेबल की भर्ती प्रक्रिया जारी है जबकि, अगले साल 35 हजार कॉन्सटेबल भर्ती किये जायेंगे.

प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण

सीएम योगी ने ट्रेनी कॉन्सटेबल्स को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर, कॉन्सटेबल व फॉलोअर के 1.60 लाख पद रिक्त हैं. मार्च 2017 में सत्ता संभालने के वक्त प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहद खराब थी. पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल था. पुलिस के प्रति लोगों में अविश्वास का माहौल था. इसमें सुधार के लिये पुलिस को जुटाया गया. जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण पैदा हुआ. सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक अच्छा किये जाने की जरूरत है. लेकिन, पुलिसकर्मियों को यह ध्यान रखना होगा कि वह आज की पुलिस हैं और वह ब्रिटिश पुलिस नहीं बन सकते. डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि ट्रेनिंग किसी भी सेवा की मजबूत आधारशिला रखती है. इसलिए, सभी ट्रेनी कॉन्सटेबल्स को रूचि से ट्रेनिंग करनी चाहिये. डीजी ट्रेनिंग गोपाल गुप्ता ने बताया कि ट्रेनिंग में आपदा प्रबंधन, स्ट्रेस मैनेजमेंट, साइबर क्राइम और ट्रैफिक मैनेजमेंट आदि विषयों को जोड़ा गया है.

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महिला सुरक्षा पर जताई चिंता

सीएम योगी ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए और कदम उठाए जाने की जरूरत है. घरेलू ¨हसा और महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कई बार करीबी शामिल होते हैं. ऐसे मामलों पर किस तरह पूरी तौर पर रोक लग सकती है, इस पर काम किये जाने की जरूरत है.