आई फॉलोअप

अभियान: जस्टिस फॉर शिव

-पिता के वीडियो को बनाया आधार, शांतिपूर्ण तरीके से हो रही है बातचीत

-पुलिस मुख्यालय ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट

- सीआइडी से करवाई गई थी जांच, एडीजी ने सौंपी थी रिपोर्ट

-रिपोर्ट में पुलिस प्रताड़ना की पुष्टि नहीं

-सुसाइड नोट में लिखी गई आधी से ज्यादा बातें बेबुनियाद निकली

>ranchi@inext.co.in

RANCHI(5 Aug): धनबाद के भूली निवासी युवक शिव सरोज कुमार (ख्7 वर्ष) की फांसी लगाकर खुदकशी के मामले में शनिवार को पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. सीआइडी ने अपनी प्रथम दृष्टया जांच में सिटी डीएसपी शंभू कुमार सिंह व पुलिस इंस्पेक्टर चुटिया अजय कुमार वर्मा को क्लीन चिट दी है. मरने से पूर्व शिव सरोज ने सभी वरीय पदाधिकारियों को ई-मेल भेजकर डीएसपी सिटी व पुलिस इंस्पेक्टर चुटिया पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था. इसके बाद ही सीएम ने डीजीपी को तलब किया था और ख्ब् घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा था. डीजीपी के आदेश पर एडीजी सीआइडी अजय कुमार सिंह के निर्देशन में सीआइडी की टीम ने पूरे मामले की जांच की और इसकी रिपोर्ट एडीजी अजय कुमार सिंह ने डीजीपी को दी, जिसे मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है. गौरतलब हो कि शिव सरोज की लाश फ् अगस्त को सेवा सदन अस्पताल के सामने एक पेड़ पर लटकी मिली थी. इससे पहले युवक ने पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर सुसाइड नोट पीएम, सीएम समेत राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों को भेजी थी. मामले में मृतक के पिता सुरेश कुमार ने कोतवाली थाने में सिटी डीएसपी शंभू कुमार सिंह व चुटिया थाना के इंस्पेक्टर अजय कुमार वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.

टॉर्चर की पुष्टि नहीं

सीआइडी की रिपोर्ट में पुलिस प्रताड़ना की पुष्टि नहीं हुई है. सुसाइड नोट में भी लिखी आधी से अधिक बातें सत्य से परे हैं.

जांच में ये आए तथ्य

शिव सरोज ख्9 जुलाई को दिल्ली से रांची आया और स्टेशन रोड के होटल रेडिएंट के कमरा नंबर ब्0ब् में ठहरा. उसने होटल में खुद को आइबी अधिकारी बताया था और पासपोर्ट के काम से रांची आने की बात कही थी. थाने में दर्ज प्राथमिकी में भी उसने पासपोर्ट संबंधी कार्य से रांची आने की बात कही थी. छानबीन में उसका पासपोर्ट उसके कमरे से बरामद किया गया. उसका पासपोर्ट क्ख् अक्टूबर ख्0क्भ् को जारी हुआ था, जो क्क् अक्टूबर ख्0क्भ् तक वैध है. उसके पासपोर्ट को देखने से यह भी साबित हुआ है कि उसने कोई विदेश यात्रा नहीं की थी.

आइबी का प्रमाण पत्र फर्जी निकला

चुटिया थाने में दर्ज अपहरण, मारपीट व लूटपाट की घटना की जांच के दौरान डीएसपी व इंस्पेक्टर के माध्यम से पिता-पुत्र को प्रताडि़त किए जाने का आरोप पुष्ट नहीं हुआ है. सीआइडी को जो वीडियो मिला है, उसमें सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत का खुलासा हुआ है. वह वीडियो दु‌र्व्यवहार के आरोप के दूसरे दिन का है, जब पिता पुलिस को यह बताते हुए मिले हैं कि उनका बेटा उन्हें धोखा दिया और उसकी जालसाजी का खुलासा होने पर वह भाग गया. होटल के कमरे में ठहरे यात्रियों, होटल कर्मियों से पूछताछ के बाद शिव सरोज ने कमरा नंबर ब्0ख् को इसलिए बदला था कि उसके कमरे की एसी गड़बड़ थी, जबकि उसने ई-मेल पर भेजे सुसाइड नोट में बगल के कमरा नंबर ब्0ब् में कुछ लोगों पर शराब पीकर हंगामा का आरोप लगाया था. कमरा नंबर ब्0ब् में आरा के दो व्यक्ति व्यक्तिगत कार्य के लिए रांची आए थे, जबकि कमरा नंबर ब्0क् में एक व्यक्ति पिछले क्7 जुलाई से अब तक हैं, जिन्होंने किसी प्रकार के हल्ला-गुल्ला आदि से इनकार किया है. रूम एसी कूलिंग नहीं होने की शिकायत पर ही उसे कमरा नंबर ब्0ख् से कमरा नंबर ख्0क् में शिफ्ट किया गया था.

शिव ने खाया था नशीला पदार्थ

फ्0 जुलाई की रात अपहरण व लूटपाट तथा मारपीट कर बड़ा तालाब में फेंके जाने के मामले में सीआइडी को सदर अस्पताल व मेडिका की मेडिकल रिपोर्ट में शिव सरोज में नशीला पदार्थ खाने की पुष्टि हुई है.

क्वोट

डीएसपी और इंस्पेक्टर पर लगे आरोपों की अभी जांच पूरी नहीं हुई है. जांच जारी है.

-अजय कुमार सिंह, एडीजी, सीआईडी