Ranchi : खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने बताया कि अक्टूबर महीने से सिर्फ अंत्योदय योजना के तहत पीला राशन कार्ड वालों को ही दो किलो चीनी हर महीने दी जाएगी, जबकि लगभग तीन लाख गुलाबी कार्ड होल्डर को चीनी नही मिलेगी. इस साल अप्रैल के पहले पीला कार्ड और गुलाबी कार्ड दोनों को पीडीएस शॉप से चीनी दी जाती थी.

किन्हें मिलेगी चीनी

रांची जिले में 4 लाख 47 हजार राशन कार्ड होल्डर हैं. इनमें से एक लाख अंत्योदय योजना के तहत पीला कार्डधारी हैं जिनको ही पीडीएस शॉप से अब चीनी मिलेगी. तीन लाख गुलाबी कार्ड होल्डर इससे वंचित कर दिए गए हैं. इसके अलावा 40 हजार सफेद राशन कार्ड धारी को सिर्फ केरोसिन तेल दिया जाएगा.

अप्रैल से नहीं मिली चीनी

खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे के मुताबिक, राशन दुकानों में लाभुकों को हर महीने सभी सामानों के साथ दो किलो चीनी भी देते थे, लेकिन इस साल अप्रैल माह से केंद्र सरकार ने नया गाइडलाइन जारी किया है. इसके तहत अंत्योदय योजना के तहत पीला कार्ड वालों को ही सिर्फ चीनी दी जाएगी. गुलाबी कार्ड होल्डर्स को राशन दुकानों से चीनी नहीं दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार के इस निर्णय के बाद से ही ही चीनी का वितरण बंद कर दिया गया है. अक्टूबर से ही एलिजिबल लाभुकों को ही चीनी मिलेगा.

रेट को लेकर सप्लायर्स तैयार नहीं

राज्य में चीनी की सप्लाई करने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से तीन बार टेंडर किया गया, लेकिन टेंडर के रेट को लेकर कोई भी सप्लायर इसके लिए राजी नहीं हुआ. इस वजह से ही राज्य के पीडीएस शॉप में चीनी उपलब्ध नहीं हो सकी है. खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे के मुताबिक, रेट को लेकर थोड़ी परेशानी थी. लेकिन, अब एजेंसी का चयन हो चुका है, अक्टूबर महीने से चीनी की सप्लाई नियमित हो जाएगी.

पीला कार्ड

पीला कार्ड वैसे लोगों को जारी किया जाता है, जो सबसे गरीब होते हैं. जिनकी कोई स्थिर आय नहीं होती है. इसमें अधिक उम्र के बेरोजगारों को भी शामिल किया गया है. इन्हें पीला कार्ड जारी किया जाता है. रांची जिले में इनकी संख्या करीब एक लाख है.


गुलाबी कार्ड

बीपीएल राशन कार्ड गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले उन लोगों के लिए है, जिनकी सालाना आय दस हजार रूपए से कम है. इस कैटेगरी के लोगों को गुलाबी कार्ड दिया जाता है, रांची में इनकी संख्या करीब तीन लाख है.

सफेद कार्ड

सफेद राशन कार्ड एपीएल लोगों को दिया जाता है. इसके लिए कोई आय की सीमा निश्चित नही है. इस कार्ड वाले को सिर्फ हर महीने दो लीटर केरोसिन तेल दिया जाता है. रांची में ऐसे कार्ड धारकों करी संख्या करीब 40 हजार है.