चुनाव में समर्थन करने के बाद सीएमपी छात्र संघ अध्यक्ष आशुतोष पर हक मानने लगा था अच्युता

पार्टी में डांट का बदला गोली मारकर लिया, आज हो सकता है खुलासा

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PRAYAGRAJ: दबंग छात्र नेता सुमित शुक्ला उर्फ अच्युतानंद की हत्या बदली परिस्थितियों में बदले रिश्ते के चलते हुई? फिलहाल तक यही तथ्य मोटे तौर पर उभरकर सामने आया है. हत्यारोपित और नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किये जा चुके सीएमपी छात्र संघ के अध्यक्ष आशुतोष को सुमित ने ही चुनाव लड़वाया था. तब सुमित उसके गुरू की भूमिका में था. चुनाव जीतने के बाद अच्युता ने आशुतोष को 'चेले' जैसा ट्रीट किया तो बात बिगड़ गयी और मामला हत्या तक पहुंच गया. पुलिस फिलहाल तीनो आरोपितों को गोपनीय स्थान पर रखकर पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही तीनो का चालान करके प्रकरण से पर्दा उठा देगी.

तीनो लाये गये प्रयागराज

बता दें कि पिछले दिनो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्र नेता सुमित शुक्ला उर्फ अच्युतानंद की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में तीन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है. गुरुवार को पुलिस ने तीनो को नेपाल बार्डर पर स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया था. शनिवार को पुलिस सीएमपी अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, हरिकेश मिश्र और सौरभ उर्फ प्रिंस को लेकर प्रयागराज पहुंची और गोपनीय स्थान पर रखकर उससे पूछताछ में जुट गयी. पूछताछ में क्या मिला? इस पर पुलिस अफसरों की तरफ कोई टिप्पणी नहीं आयी. पुलिस पता लगाने में जुटी रही कि हत्याकांड के बाद तीनों को किन-किन लोगों ने सपोर्ट किया. हत्या के पीछे वजह क्या थी?

किसने छोड़ा बस स्टाप तक

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीसीबी में आयोजित बर्थडे पार्टी में सुमित और सीएमपी अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी. सुमित ने अधिकारपूर्वक आशुतोष को फटकार लगाई. इस पर वह तैश में आ गया और फिर पिस्टल निकालकर सुमित पर पिस्टल तानते हुए गोली मार दी. हरिकेश व प्रिंस सीएमपी अध्यक्ष के साथ थे. घटना को अंजाम देने के बाद आशुतोष के एक साथी मित्र ने सभी को गाड़ी पर बैठाकर मनमोहन पार्क के रास्ते सिविल लाइंस बस स्टाप छोड़ा था. इसके बाद तीनों शहर छोड़कर बाहर चले गए. पूछताछ में जुटी पुलिस तीनों आरोपितों से यह जानने में जुटी रही आखिर वह कौन शख्स था जिसने इन सभी को हत्या के बाद अपने साधन से छोड़ा. बताया जाता है कि पूछताछ में किसी ने भी उस शख्स के बारे में कुछ नहीं बताया है.

रिश्तेदार ने किया सपोर्ट?

बताया यह भी जा रहा है कि सुमित को मौत के घाट उतरने के बाद सीएमपी अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी किसी करीबी रिश्तेदार से मिला. उसी ने सभी को कुछ देर के लिए पनाह दी. साथ ही कुछ सुविधा भी मुहैया कराई. जिसके बाद ही सभी नेपाल भाग गए.