- शहर में अचानक लगे पोस्टर, बेखबर लोकल खुफिया तंत्र

- कार्रवाई के विरोध के बहाने अचानक बढ़ी गतिविधियां

GORAKHPUR: राजघाट थाना में बवाल करने के आरोपी रासुका में निरुद्ध सुनील सिंह के पोस्टर शहर में सुर्खी बन गए हैं. दो दिनों से शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे होर्डिग्स पर हियुवा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पोस्टर नजर आ रहे हैं. सूबे के सीएम महंत योगी आदित्यनाथ से बगावत कर नया संगठन खड़ा करने वाले नेता के पोस्टर लगाए जाने से मायने-मतलब निकाले जा रहे हैं. आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के आरोपित नेता के पोस्टर लगने से लोकल इंटेलीजेंस यूनिट बेखबर नजर आ रही है. योगी के आदेश पर कार्रवाई की जद में आए आरोपितों ने न्याय मांगने के बहाने एकजुटता दिखानी शुरू कर दी है. मेडिकल कॉलेज प्रकरण के आरोपित डॉक्टर और एक भू माफिया ने सोशल मीडिया पर कैंपेन छेड़कर लोगों से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी.

सुनील पर कई मुकदमे, रासुका में निरुद्ध

जेल में बंद सुनील सिंह के परिजनों ने पहले ही फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने की आशंका जताई थी. पुलिस कार्रवाई के खिलाफ परिजन हाईकोर्ट चले गए. उधर सुनील सिंह के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ कैंपेन छेड़ दिया. सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाने का सिलसिला खत्म हो पाता. इसके पहले शहर में कई जगहों पर पोस्टर लगा दिए गए. पोस्टर पर लॉकअप में बंद सुनील सिंह और अन्य की फोटो चस्पा की गई है. उस पर लिखा गया है कि सुनील के जख्म पूछते हैं कि आखिर गुनाह क्या है. यह पोस्टर शहर के खास-खास चौराहों पर लगाए गए हैं. पैडलेगंज तिराहे पर सर्किट हाउस जाने वाली रोड पर पोस्टर लगाया गया है. जबकि मोहद्दीपुर में एक होर्डिग नजर आ रही थी. ये पोस्टर तब लगाए जा रहे हैं जब सुनील सहित अन्य आरोपियों की जेल में बदलने की तैयारी चल रही है.

पुलिस-प्रशासन के खिलाफ एकजुट हो रहे आरोपित

हियुवा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष संग जेल भेजे गए अभियुक्तों अलावा अन्य मामलों के आरोपितों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ एकजुटता दिखानी शुरू करा दी है. वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन कांड के आरोपित डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाकर मदद मांगनी शुरू कर दी है. पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर लोगों से चंदा देने की गुजारिश की है. रुपए हड़पने के आरोप में सीएम के निर्देश पर जेल भेजा गया एक नेता भी सोशल मीडिया के जरिए जंग का ऐलान कर चुका है. मजेदार बात यह है कि इस बात की जानकारी एलआईयू, पुलिस-प्रशासन के अफसरों को नहीं हो पा रही है. जबकि ये सभी पोस्टर नगर निगम की रजिस्टर्ड होर्डिग्स पर अतिक्रमण करके लगाए गए हैं.

वर्जन

इस तरह की कोई जानकारी नहीं थी. अभी तो पोस्टर संबंधित प्रकरण की जांच करवानी पड़ेगी. यदि कोई आपत्तिजनक बात सामने आई तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

- दावा शेरपा, एडीजी, गोरखपुर जोन