- एफएसडीए के छापे में तीन करोड़ की दवाएं जब्त, चार आरोपी अरेस्ट

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LUCKNOW :

उत्तराखंड के रुड़की में नकली और नशीली दवाएं बनाकर उन्हें यूपी में खपाया जा रहा है. अमरोहा में लिए गए सैंपल की 18 दवाएं नकली निकलने पर चार लोगों की गिरफ्तारी की गई . इसके बाद यूपीएफएसडीए की टीम ने रुड़की की फैक्ट्री में छापा मारकर तीन करोड़ की नकली दवाएं बरामद की. जिससे इस पूरे खेल का खुलासा हुआ. जो दवाएं यूपी में सप्लाई की जा रही हैं, उसमें वे एंटीबायोटिक दवाएं भी शामिल हैं, जो अति गंभीर मरीजों को ही दी जाती हैं.

अमरोहा से मिली थी शिकायत

फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के ड्रग कंट्रोलर एके जैन ने बताया कि प्रदेश में नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के अभियान के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. बीते दिनों अमरोहा में निर्धारित दाम से कम मूल्य पर दवाएं मिलने की शिकायत मिली थी. जिस पर करीब 3 करोड़ कीमत की नकली व नशीली दवाओं के साथ चार लोगों को पकड़ा गया और एफआईआर दर्ज कराई थी. उसी क्रम में एफएसडीए टीम ने उत्तराखंड ड्रग डिपार्टमेंट के साथ मिलकर रुड़की में छापा मारा.

नकली एंटीबायोटिक की सप्लाई

एके जैन ने बताया कि उत्तराखंड के रुड़की में नकली दवा निर्माता कंपनी और एक दुकान से बड़ी कंपनियों की नकली दवाओं के साथ पैकिंग में यूज होने वाला सामान और मशीनें बरामद की गई हैं. इसमें जीवन रक्षक एंटीबायोटिक भी शामिल हैं. सभी दवाएं यूपी के शहरों में भेजी जा रही थीं.

दूसरी कंपनियों की दवाएं

छापे में पता चला कि नकली दवाओं के कारोबारी ब्रांडेड कंपनी की दवाएं बनाकर बाजार में भेजते थे. इनके पास से मौके पर तीन करोड़ की दवाएं मिली हैं. अंदेशा है कि ये लोग अब तक कई सौ करोड़ की नकली दवाएं बाजार में खपा चुके हैं. इन लोगों के पास से एमाक्स सीवी 325, वैसग्जिम एजेड, लूपीसेफ आदि दवाएं भी मिली हैं. इन पर अब उत्तराखंड सरकार आगे की कार्रवाई करेगी.

ये है नुकसान

डॉक्टर्स के अनुसार नकली एंटीबायोटिक देने से डॉक्टर को लगेगा कि मरीज ठीक हो रहा है लेकिन उसकी मौत हो जाएगी. कुछ समय पहले राजधानी में भी छापे के दौरान जिफी नाम की नकली एंटीबायोटिक दवा पकड़ी गई थी. इस मामले में निर्माताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.