- वाहन चालकों की शिकायत पर हरकत में पुलिस

- हर वाहन से रोजाना रुपए वसूलने की दे रहे धमकी

GORAKHPUR: शहर में वाहनों से वसूली के लिए सिर्फ पुलिस बदनाम थी. लेकिन अब छात्रसंघ के पदाधिकारी के नाम पर उसके गुर्गे वाहन मालिकों से रंगदारी वसूलने पर उतर आए हैं. शहर के भीतर से चलने वाली बसों और अन्य वाहनों से रुपए मांगने को लेकर मारपीट हो चुकी है. छात्रसंघ पदाधिकारी और उनके गुर्गो से परेशान वाहन मालिकों ने सीएम को पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है. वसूली के आरोप में एक युवक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. कैंट इंस्पेक्टर ने बताया कि वाहन मालिकों की शिकायत पर जांच पड़ताल की जा रही है.

पुलिस की बंद, छात्रनेता वसूलने लगे रुपए

गोरखपुर शहर के साथ लखनऊ, वाराणसी, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के लिए करीब आठ हजार वाहनों का संचालन विभिन्न स्टैंड से होता है. लखनऊ के लिए टैक्सी वाहनों का संचालन लखनऊ और नौसढ़ से किया जा रहा है. कुछ दिन पूर्व तक इन वाहनों से रुपए लेने का आरोप पुलिस पर लग रहा था. सीनियर अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद वसूली करने वाले पुलिस कर्मचारी बैक हो गए. रोजी-रोटी के लिए टैक्सी चला रहे ड्राइवर और मालिकान को पूरी राहत मिली. लेकिन उनका चैन-सुकून चंद दिनों में छिन गया. छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी बढ़ने पर वाहनों से वसूली के लिए छात्र नेता दबाव बनाने लगे. शुरू में वाहन मालिकों को लगा कि चुनाव के लिए चंदा मांगा जा रहा है. कुछ दिनों के बाद एक छात्रसंघ पदाधिकारी के गुर्गे रोजाना वसूली के लिए स्टैंड पर पहुंचने लगे.

चुनाव में हुआ खर्चा, वाहनों से करेंगे भरपाई

देवरिया और कुशीनगर के लिए प्राइवेट बसें रेलवे म्यूजियम के पास खड़ी होती हैं तो पैडलेगंज से वाराणसी और लखनऊ रूट के वाहन संचालित होते हैं. कई दिनों से एक छात्रसंघ पदाधिकारी का नाम बताकर उसके गुर्गे दोनों जगहों पर वसूली करने पहुंच रहे हैं. बस मालिकों ने रुपए देने से मना कर दिया तो दबंगों ने ट्रैवलर वालों से रुपया मांगना शुरू कर दिया. इसको लेकर दो बार मारपीट हो गई. वाहन मालिकों ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई. लेकिन छात्र नेता का नाम सामने आने पर पुलिस बैकफुट पर आ गई. इससे परेशान वाहन मालिकों ने सीएम के कैंप कार्यालय में पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई. वाहन मालिकों का आरोप है कि उनको धमकी मिली है कि रुपए देने पर ही वाहन चल सकेंगे. मंदिर में शिकायत होने पर हरकत में आई पुलिस ने कुछ युवकों को उठाया. उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया जिससे प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी. सत्येंद्र पाठक, प्रवेश पाल, विनय सिंह, त्रियुगी नारायण, सत्येंद्र रमेश दत्त मिश्र, शिवा शुक्ला, अभिनाश सिंह, सौरभ मिश्रा, विक्की, रामेश्वर पांडेय, जय प्रकाश, सतीश सिंह सहित कई लोगों का कहना है कि रंगदारी मांगने वाले जानमाल की धमकी भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि एक हजार प्रतिदिन के हिसाब से पैसा देने वाले अपने वाहन चला सकेंगे.

फैक्ट फाइल

गोरखपुर से चलने वाली प्राइवेट बसें - 245

गोरखपुर से संचालित होने वाले ट्रैवेलर - 62

गोरखपुर से विभिन्न रूट पर चल रहीं जीपें- 170

गोरखपुर शहर में संचालित होने वाले ऑटो - 4800

वर्जन

वाहनों से रंगदारी वसूलने की शिकायत मिली थी. कुछ युवकों को पकड़ा गया था. इस मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी.

- रवि कुमार राय, इंस्पेक्टर कैंट