-देश के छह जिलों में पॉयलट स्कीम की बनारस से हुई शुरूआत

- स्थानीय संसाधनों के साथ जनपदों की जीडीपी तीन से चार परसेंट बढ़ाने का लक्ष्य

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देश की जीडीपी में वृद्धि तभी होगी जब सभी जिलों का जीडीपी बढ़ेगा. इसी दिशा में देश के छह जिलों का पॉयलट स्कीम के तहत चयन किया गया. जिसकी शुरूआत काशी से होने जा रही है. इन जिलों में सफलता मिलते ही देश में इसे लागू किया जाएगा. इस स्कीम से जिलों की जीडीपी 3 से 4 परसेंट बढ़ाने का लक्ष्य है. यह बातें केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग व नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने सोमवार को कमिश्नरी सभागार में कहीं. उन्होंने कहा कि बनारस के अलावा बिहार के मुजफ्फरपुर, हिमाचल के सलोन, आंध्रप्रदेश के विशाखपट्टनम और महाराष्ट्र के रत्नागिरी व सिंधुदुर्ग जिला शामिल है. आईआईएम, लखनऊ के निदेशक डॉ. अजीत प्रसाद ने कहा कि विभिन्न विभागों, कारोबारियों,बुनकरों, शिल्पकारों, कारीगरों, विश्वविद्यालयों और अन्य लोगों से संपर्क कर डाटा एकत्रित करने के बाद रोजगार और आय के स्रोत बढ़ने के तरीके पर रिपोर्ट जारी की जाएगी.

साढ़े सात करोड़ का एमओयू

मीटिंग के बाद सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट पर साढ़े सात करोड़ रुपये पर एमओयू पर भी सहमति बनी. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सीएसआर के तहत तीन करोड़ रुपये का चेक वाराणसी में हाइवे पर लैंडस्केपिंग के लिए दिया गया. इससे बेहतर हाइवे के आसपास का सुंदरीकरण होगा.

इसके बाद नदेसर स्थित होटल में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशंस (फियो) की मीटिंग में भी मंत्री सुरेश प्रभु शामिल हुए. पूर्वाचल के निर्यातकों, आयाताकों व उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारोबार बढ़ाने के लिए सभी को साथ में आना होगा. मीटिंग में राज्य सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, ज्वाइंट कमिश्नर राजीव अग्रवाल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम सुरेंद्र सिंह, फियो के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, उद्यमी, निर्यातक आदि रहे.