- 1 एनेस्थेटिक के भरोसे दून अस्पताल, वह भी सैटरडे तक अवकाश पर

- संडे तक दून अस्पताल में नहीं होंगे ऑपरेशन, एमएस ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा पत्र

देहरादून,

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में व्यवस्थाएं लगातार बेपटरी हो रही हैं. केवल एक एनस्थेटिस्ट के भरोसे अस्पताल की ओटी चल रही है, ऐसे में उसके छुट्टी पर चले जाने के कारण ऑपरेशन ठप हो गए हैं. ऑपरेशन के लिए एक हफ्ते की वेटिंग है. अस्पताल के एमएस डॉ. केके टम्टा ने बताया कि डीजी हेल्थ को पत्र लिखकर दून के अन्य अस्पतालों से एक-एक एनेस्थेटिस्ट को दून अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तैनात करने की मांग की गई है.

इंतजार से मरीज हल्कान

दून के सबसे बड़े अस्पताल में एक बार फिर सिस्टम पूरी तरह से गड़बड़ा गया है. यहां सिर्फ एक एनेस्थेटिस्ट तैनात है, लेकिन वह भी छुट्टी पर चला गया है. ऐसे में ऑपरेशन के लिए मरीजों को सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा. इस दौरान यहां ऑपरेशन नहीं हो पाएंगे. पहले से वेटिंग पर चल रहे मरीजों को अब और इ्तजार करना पड़ेगा.

1 दिन में 15 सर्जरी के केस

दून अस्पताल में सर्जरी के रोजाना 15 केस लिए जाते हैं. लेकिन, एनेस्थेटिस्ट न होने से यह व्यवस्था प्रभावित हुई है. इस समय अस्पताल प्रबंधन के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है. दून अस्पताल के एमएस डॉ. केके टम्टा ने बताया कि उन्होंने इस बाबत डीजी हेल्थ और सीएमओ देहरादून को पत्र भी लिखा है. जिसमें दून के आसपास स्थित अस्पतालों से एनेस्थेटिस्ट को दून अस्पताल में व्यवस्था पर भेजने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि कोरोनेशन, प्रेमनगर और रायपुर अस्पताल में एक-एक एनेस्थेटिस्ट है. ऐसे में एक दिन एक एनेस्थेटिस्ट को दून अस्पताल में भेजा जा सकता है.

-----------

एनेस्थेटिस्ट के अवकाश पर चले जाने से ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं. डीजी हेल्थ और सीएमओ से इस बाबत व्यवस्था के लिए सहयोग करने की मांग की गई है.

डॉ. केके टम्टा, एमएस, दून अस्पताल

शासन को परमानेंट एनेस्थेटिस्ट की नियुक्ति के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है. लेकिन, अभी तक इस संबंध में कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है. उम्मीद है जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा.

- डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्रिंसिपल दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल.

---------------

5 माह से एनेस्थेटिस्ट्स का इंतजार

दून हॉस्पिटल में महज एक एनस्थेटिस्ट कार्यरत है, वह भी परमानेंट नहीं है. पिछले 5 माह से हॉस्पिटल की व्यवस्था इसी ढर्रे पर चल रही है. दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में यूं तीन और एनेस्थेटिस्ट तैनात हैं, लेकिन उनकी ड्यूटी महिला विंग में ही रहती है. उन्हें दून हॉस्पिटल में तैनात नहीं किया जा सकता.