-एयर स्ट्राइक की खबर ने शहीदों के परिजनों के गम को किया हल्का

-शहीदों की आत्म की शांति के लिए घरों में चल रही नारायणी कथा

VARANASI : पुलवामा में 12 दिन पहले आतंकी हमले में शहीद रमेश और अवधेश के घरों में आज भी मातमी सन्नाटा है। बेटे के गम में परिजन बेसुध पड़े हैं, इसी बीच मंगलवार को टीवी पर भारतीय वायु सेना के साहसिक कदम और पाक में घुसकर मारे गए आतंकियों की खबर ने उनके गम को थोड़ा हल्का किया। एयर सर्जिकल स्ट्राइक पर परिजनों ने कहा कि इस कार्रवाई से उनके कलेजे को ठंडक मिली है, लेकिन जब तक आतंकियों का खात्मा नहीं होगा, तब तक संतुष्टि नहीं मिलेगी।

तभी मिलेगी संतुष्टि

भारतीय वायु सेना की ओर से पीओके में की गई बड़ी कार्रवाई के बाद पुलवामा आतंकी हमले में शहीद रमेश यादव के परिजनों में खुशी है। चौबेपुर के तोफापुर गांव के रहने वाले शहीद रमेश की मां राजमती देवी ने कहा कि मेरे कलेजे को थोड़ी ठंडक मिली है, लेकिन जब तक सभी आतंकी नहीं मारे जाएंगे तब तक संतुष्टि नहीं मिलेगी। खून के बदले खून चाहिए। अभी हमारा बदला पूरा नहीं हुआ है। रमेश यादव की पत्नी रेनू ने कहा कि सेना की कार्रवाई पर हमे गर्व है। पीएम मोदी से निवेदन है कि मेरे पति और हमले में शहीद मेरे भाइयों का बदला एक-एक आतंकवादी को मार कर लिया जाए। जितने आतंकी हैं उनको खोज-खोज कर मार गिराया जाए। बलुआघाट पर रमेश के परिजनों ने नारायणी पूजा करायी।

बहादुरपुर में जश्न का माहौल

उधर, सेना की कार्रवाई के बाद चंदौली के शहीद जवान अवधेश यादव के गांव बहादुरपुर में जश्न का माहौल है। शहीद जवान के परिवार ने एयर सर्जिकल स्ट्राइक पर खुशी जताई है। पिता हरकेश यादव ने कहा कि हम सैनिकों पर गर्व है, जो बदला ले रहे हैं और इसी तरह लेते रहें। हम लोगों को तभी शांति मिलेगी, जब पाकिस्तान जड़ से खत्म हो जाएगा। शहीद की पत्नी शिल्पी ने कहा कि, इसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक होते रहनी चाहिए। इस हमले से हमें बहुत खुशी मिल रही है। वहीं शहीद के छोटे भाई बृजेश यादव ने भारतीय सेना को धन्यवाद दिया है।