कानपुर।  बकरीद पर बकरे की बलि देने से महीनों पहले बकरों की बाजार सजने लगती हैं। खास बात तो यह है कि बकरों की क्वॉलिटी ही उनकी कीमत तय करती है। इस बार कानपुर में बकरा टीपू सुल्तान आकर्षण का केन्द्र रहा। यह मध्य प्रदेश से खरीद कर लाया गया है। लोग लाइन लगाकर बकरे टीपू सुल्तान की झलक देखने को आतुर दिखे। एेसे में आपको भी बकरे टीपू सुल्तान की कीमत जानकर हैरानी होगी। इसकी कीमत इतनी ज्यादा है कि इतने में कर्इ कारें आराम से खरीदी जा सकती है। इस बकरे को शहर के आकिब 27 लाख रुपये में खरीद कर लाएं हैं।
 
आज पूरे देश में बकरीद मनार्इ जा रही

बकरीद मनाने के लिए विशेष तैयारी की गर्इ। सुन्नी धर्मगुरु मौलाना शफीक अहमद शरीफी ने बताया कि ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहार है। इसलिए त्योहार मनाते समय कुर्बानी का गोश्त खुले तौर पर लेकर ना निकलें। आमजनों के जज्बात का ख्याल रखें। वहीं शिया धर्मगुरु सैयद हसन रजा जैदी ने कहा कि बकरे को कुर्बान करने के बाद उसके मांस का एक तिहाई हिस्सा खुदा को, एक तिहाई घर वालों और दोस्तों व इतना ही गरीबों को दे दिया जाता है। लेकिन इन सब के पहले अल्लाह की इबादत जरुर करनी चाहिए।

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