सेना व कैंट के अधिकारियों के साथ टीम ने किया जगह का निरीक्षण

बुधवार को टीम जीओसी को सौंपेगी रिपोर्ट

Meerut. दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर प्रक्रिया तेज हो गई है तो वहीं आर्मी ने भी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. मंगलवार को सब एरिया हेड क्वाटर में फॉस्ट टै्रक कमेटी की प्रस्तावित बैठक न हो पाने के बाद कैंट बोर्ड व सेना के अधिकारियों ने रैपिड रेल के रूट का निरीक्षण किया. कमेटी में विभिन्न विभागों के अलावा एनसीआरटीसी और आर्मी के अफसर शामिल हैं.

तीन जगहों पर गई टीम

कैंट बोर्ड व सेना के अधिकारियों ने मंगलवार को छावनी क्षेत्र के तीन जगहों का निरीक्षण किया. टीम सबसे पहले आबूलेन का दौरा किया. इसके बाद टीम 2 आर्मी बेस तथा फिर टीम ने एमईएस कॉलोनी का निरीक्षण किया. अब यह टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करके जीओसी मेजर जनरल के. मनमीत सिंह को सौंपेगी.

कैंट क्षेत्र में बनने है 4 स्टेशन

दिल्ली से मेरठ चलने वाली रैपिड रेल के लिए छावनी क्षेत्र में स्टेशन बनने है. बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डोरली और मेरठ नार्थ चार स्टेशन कैंट सीमा में बनेंगे आर्मी की ए-वन लैंड से रैपिड रेल लाइन गुजरेगी. इसके लिए सेना की अनुमति लेनी जरूरी है तो वहीं पूर्ण सुरक्षा भी मुकम्मल करनी होगी. इसके लिए एक फास्ट टैक टीम का गठन किया गया है. यह टीम यह देखेगी कि छावनी क्षेत्र में किन स्थान पर स्टेशन के लिए आसानी से स्टेशन बन सकता है. जहां पर सेना को भी किसी प्रकार की आपत्ति न हो.

कई स्तर की हो चुकी है वार्ता

कैंट एरिया से रैपिड रेल को गुजारने और वहां स्टेशन के निर्माण के मद्देनजर एनसीआरटीसी और आर्मी अधिकारियों के बीच कई चरण की वार्ता हो चुकी है. आर्मी ने परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है तो वहीं यह भी निर्देश हैं कि आर्मी की सुरक्षा और गोपनीयता किसी भी स्थिति में भंग न होने पाए.