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क्कन्ञ्जहृन्: लालू-लीला का विमोचन होते ही एक बार फिर सूबे की राजनीति गरमा गई है. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चारा और अलकतरा घोटाले के बाद कुछ खामोशी आई थी. इस घोटाले में जितना बड़ा नेता, जितना बड़ा अफसर क्यों न रहा हो, कोई बचा नहीं. सब जेल गए और सजा पाए. वे मुख्य अतिथि के रूप में गुरुवार को विद्यापति भवन में जेपी जयंती पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की नई पुस्तक लालू लीला के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे.

कानून की नजर से नहीं बच सकते

रविशंकर ने कहा कि चारा घोटाले में लालू प्रसाद को सजा होने के बाद यह स्पष्ट है कि भ्रष्ट और भ्रष्टाचारी लंबे समय तक कानून की नजर से बच नहीं सकते. उन्होंने कहा कि चारा घोटाले की लड़ाई के दौरान सुशील मोदी ने चारा चोर गद्दी छोड़ नाम से किताब लिखी थी. लालू को सजा होने के बाद मुझे लगा अब उन्हें किताब लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन लालू इसके बाद भी नहीं सुधरे. सुशील मोदी ने लालू लीला में जिस तरह से तथ्य जुटाए हैं मुझे नहीं लगता कि अब उन्हें कोई और किताब लिखने की जरूरत पड़ेगी.

भ्रष्टाचार से लड़ना आसान नहीं

छात्र जीवन से सुशील मोदी से संबंधों का जिक्र करते हुए रविशंकर ने कहा वर्षो तक साथ-साथ काम करने के बाद सुशील मोदी में मैंने जो विशेषताएं पाई है उसमें श्रम, स्वाध्याय और साहस प्रमुख है. लगातार परिश्रम करना कोई इनसे सीखे. लालू प्रसाद जैसे व्यक्ति के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना कोई मामूली बात नहीं. स्वाध्याय का ही परिणाम है कि ¨हदी माध्यम से पढ़ाई करने वाला इस व्यक्ति की गिनती आज देश के श्रेष्ठ वित्त मंत्रियों में होती है. विमोचन कार्यक्रम को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, गिरिराज सिंह, रामकृपाल यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन, राजीव प्रताप रूढ़ी, बिहार सरकार में मंत्री नंदकिशोर यादव, प्रेम कुमार और मंगल पांडेय और श्रवण कुमार ने संबोधित किया. भाजपा विधायक और कार्यकर्ता मौजूद थे.

किताब का नाम सुशील की साजिश होना चाहिए

राजद ने किताब को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि इसका नाम 'सुशील की साजिश' होना चाहिए. पुस्तक पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टिप्पणी अभी नहीं आई है, लेकिन राजद के अन्य नेता लालू के बचाव में उतर आए हैं. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी, सांसद जय प्रकाश नारायण यादव, विधायक भाई विरेंद्र, प्रवक्ता चितरंजन गगन एवं आभालता समेत कई नेताओं ने सुशील मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जय प्रकाश ने लालू प्रसाद को गरीबों का मसीहा बताया और कहा कि उन्होंने सांप्रदायिक ताकतों का हमेशा मुंहतोड़ जवाब दिया. शिवानंद तिवारी ने इसे झूठा बयान बताया और कहा कि बिहार की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा.