क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: स्वच्छता सर्वे के लिए तीन दिनों से सेंट्रल की क्यूसीआई टीम शहर में है. हर दिन अलग-अलग इलाकों में जाकर वहां की सफाई व्यवस्था देख रही है. वहीं जियो टैग से फोटो खींचकर वेबसाइट पर भी अपलोड कर रही है. ऐसे में नगर निगम के अधिकारी भी सतर्क हैं. यही वजह है कि टीम को पूरा शहर नहीं दिखा रहे हैं. उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं इस चक्कर में रांची के नंबर न कट जाएं. बताते चलें कि 4 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक देशभर के 4 हजार से अधिक शहरों में स्वच्छता सर्वे चल रहा है.

रोड पर नाली का कचरा

सर्वे शुरू होने के बावजूद शहर में सफाई का हाल पहले जैसा है. बार-बार आदेश के बाद भी न तो एजेंसी काम में मन लगा रही है और न ही सफाईकर्मी. वहीं नगर निगम अपने स्टाफ्स से भी पूरे शहर को कवर कर पाने में फेल हो जा रहा है. यही वजह है कि जहां नजर पड़ती है वहां कचरे का अंबार लगा है. इतना ही नहीं, नाली का कचरा निकालकर वहीं छोड़ दिया जा रहा है. इससे लोगों का रोड पर चलना मुश्किल हो रहा है. वहीं कचरा सूख जाने के बाद वापस नाले में जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि इसकी निगरानी की जिम्मेवारी किसकी है.