छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: जमशेदपुर मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट (एक्सएलआरआइ), जमशेदपुर के सभागार में शेपिंग यंग माइंड प्रोग्राम (एसवाईएमपी) का आयोजन हुआ. इसका उद्देश्य वैश्रि्वक स्तर के कॉरपोरेट लीडरों के विचार, उनकी चुनौतियां और उनके आइडिया से प्रबंधन से जुड़े युवा कुछ नया सीख पाएं रहा. उद्घाटन सत्र में टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन ने युवाओं को चार गुरु मंत्र दिए. इसमें युवाओं को टेक्नोलॉजी के साथ चलने व रफ्तार के साथ समय से पहले खुद को बदलने, इंटरनेट और टेक्नोलॉजी का सहीं इस्तेमाल करने की सलाह दी. दूसरा, स्थिरता के तहत जलवायु परिवर्तन के प्रति सजग रहने, बदलने नियमों को अवसर में बदलने व तीसरा आर्थिक असमानता को दूर करने को कहा. उन्होंने बताया कि अब भी वैश्रि्वक स्तर पर 96 प्रतिशत लोगों को 20 हजार रुपये से कम सालाना आय और 2 डॉलर से कम एक दिन में कमाई होती है. युवा अपनी सोच ऊपर रखें लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद नीचे वालों को भी न भूले. चौथा, जियो पॉलिटिकल पावर के तहत ताकत एक देश से दूसरे देश में शिफ्ट हो रही है. वर्तमान में चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वार चल रहा है. अगर कोई सोचता है कि इसका असर उन पर नहीं पड़ेगा तो यह बकवास है. सच्चाई है कि जियो पॉलिटिकल पावर के कारण सभी पर दबाव तेजी से बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि युवा जो भी करना चाहते हैं उसे सफलता मिलने तक पूरे जज्बे से करें. अपने काम को इंजॉय करें. चुनौतियों का सामना डट कर करें क्योंकि सफलता का कोई शॉटकट नहीं होता. जीवन में अनुभव सबसे बड़ा शिक्षक है जितना हो सके सीखें और उसे अमल में लाएं.

विकास के साथ बढ़ रहा घोटाला

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश सह कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस एन संतोष हेगडे़ ने देश के तीन स्तंभों (न्यायपालिका, विधायिका व कार्यपालिका) पर कटाक्ष किए. कहा कि विकास के साथ-साथ देश में घोटालों की राशि में भी बढ़ती जा रही है. देश में पहला जीप घोटाला 52 लाख रुपये का था. इसके बाद वर्ष 1980 में बोफोर्स घोटाला 64 करोड़ का, कॉमनवेल्थ घोटाला 70 हजार करोड़ रुपये का, 2जी स्पेक्ट्रम 1.76 लाख करोड़ का और कोलगेट घोटाला 1.86 लाख करोड़ रुपये का रहा. सरकार गरीबों के कल्याण के लिए जब एक रुपये खर्च करती है तो मात्र 15 पैसे ही उन तक पहुंच पाता है. उन्होंने बताया कि कर्नाटक में एक मैट्रिक टन आयरन ओर की कीमत साढ़े छह से सात हजार रुपये है लेकिन राज्य सरकार ने 2.25 लाख मैट्रिक टन मात्र आयरन ओर 27 रुपये की दर से चाइना को बेच दिए. लोकायुक्त रहते हुए मैंने इसकी जांच की. 23 हजार शिकायतें इसमें दर्ज हुईं. इसमें एक मुख्यमंत्री सहित 150 आइएएस, आइपीएस के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई की. उसुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश ने देश की न्याय व्यवस्था पर भी प्रहार करते हुए कहा कि 14-15 वर्षो तक कोर्ट के चक्कर लगाने के बाद लोगों को इंसाफ मिलता है. जस्टिस हेगडे़ ने जोर देते हुए कहा कि देश में बदलाव चाहते हैं तो पहले राजनीतिक व्यवस्था को बदलनी होगी.

टेक्नोलॉजी से ज्यादा मेहनत पर विश्वास

एक्सएलआरआइ में अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए मुंबई नूतन डब्बावाला चैरिटी के चेयरमैन रघुनाथ मेग्दे ने कहा कि मुंबई में पिछले 130 वर्षो से कार्यरत डब्बावालों को टेक्नोलॉजी से ज्यादा कड़ी मेहनत, अनुशासन और खुद बनाए गए कोड पर विश्वास है. अधिकतर डब्बावाला अशिक्षित हैं और हमारा दिमाग ही हमारी टेक्नोलॉजी है. बकौल मेग्दे, मुंबई में 5000 डब्बावाले हर दिन दो लाख लोगों को खाना खिलाते हैं. इसके लिए वे मुंबई के 27 अलग-अलग क्षेत्रों और 70 स्टेशनों को पार कर घर का खाना उसके मालिक तक पहुंचाते हैं. मेग्दे बताते हैं कि लोकल ट्रेन हमारे काम की लाइफ लाइन है जिसकी मदद से हम समय पर हर दिन खाना पहुंचाते हैं. इसके लिए हम ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने, फुटपॉथ पर साइकिल चलाने और नो इंट्री में भी घुसने से गुरेज नहीं करते. उन्होंने बताया कि हमारा काम सुबह नौ से रात साढ़े बारह बजे तक चलता है. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी पर हमें भरोसा नहीं, नहीं तो दोपहर का खाना रात में भी नहीं मिलेगा क्योंकि पढ़े-लिखे से ज्यादा अनपढ़ डब्बेवाले मेहनती, बेहतर स्टेमिना और दिमाग से बहुत मजबूत होते हैं.