आगरा. सिटी के एमडी जैन इंटर कॉलेज में ट्यूजडे से राष्ट्रसंत मुनि तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचन किए गए. इस मौके पर कॉलेज प्रांगण में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. तरुण सागर महाराज ने कहा कि प्रकृति, विकृति, संस्कृति तीन शब्द है. भूख लगने पर खा लेना प्रकृति, भूख न लगने पर भी खाना विकृति और स्वयं भूखे रहकर भूखे को खिलाना संस्कृति है. जो भूखे को खिलाता है, वह हमेशा खिलखिलाता है. उन्होंने दान की महिमा बताते हुए कहा कि दे जाना ही ले जाने का मार्ग है. आज का आदमी बच्चों को कम और गलतफहमियों को अधिक पालता है. उन्होंने ये भी कहा कि इंसान को दो चीजें कभी नहीं भूलनी चाहिए, एक भगवान और दूसरा मौत. भगवान को भूल जाओ तो कोई बात नहीं. क्योंकि मौत को याद करोगे तो भगवान खुद ब खुद याद आ जाएंगे. इस दौरान मुनिश्री को आरएसएस प्रमुख सर संघचालक मोहन भागवत ने श्रीफल भेंटकर आशीष लिया. इस दौरान सुनील जैन, अशोक जैन, अनंत जैन, राजकुमार जैन, आशीष जैन मोनू, स्वरूप चंद्र जैन मार्सन्स, अखिल बारौल्या समेत हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे.