छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: टाटा स्टील में कर्मचारियों के बोनस के मामला गुरुवार को तय हो गया. कंपनी ने पिछले साल तय हुए फार्मूले के हिसाब से कर्मचारियों को न्यूनतम 26,130 रुपये व अधिकतम 1,99,723 रुपये देने का फैसला किया है. कंपनी प्रबंधन ने इस मद में 203.04 करोड़ रुपये का बजट दिया जिससे कंपनी के अंतर्गत आने वाले 26,273 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. प्रबंधन ने ट्यूब डिवीजन, जमशेदपुर प्लांट के 14,057 कर्मचारी और इसके साथ ही माइंस व कोलियरी डिवीजन के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. यह जानकारी टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर. रवि प्रसाद ने दी. उन्होंने बताया कि इस फार्मूले के हिसाब से बोनस की राशि 199 करोड़ रुपये हो रही थी, लेकिन इस बार प्रबंधन ने पीएम (प्रधानमंत्री) ट्रॉफी के रूप में मिली ईनाम की राशि के चार करोड़ रुपये भी कर्मचारियों के बोनस मद में जोड़ दिया है.

पिछले साल मिले थे 165 करोड़

बताते चले कि 2017 में बोनस के लिए 165 करोड़ रुपये मिले थे. बोनस की राशि माह के अंत तक कर्मचारियों के खाते में चली जाएगी. बोनस में पहली बार ओडिशा स्थित कलिंगानगर प्लांट के चार हजार कर्मचारियों को भी शामिल किया गया हैं. बोनस समझौते पर टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन व वाइस प्रेसिडेंट (एचआरएम) सुरेश दत्त त्रिपाठी समेत सभी वाइस प्रेसिडेंट, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर. रवि प्रसाद, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय व महासचिव सतीश सिंह ने हस्ताक्षर किए. बोनस की घोषणा के बाद कर्मचारी नेताओं के साथ ही कर्मचारियों में खुशी का महौल है. यूनियन नेताओं ने कहा कि पहली बार बोनस की राशि 200 करोड़ के पार गई है. यह भी हम सभी के लिए खुशी का विषय हैं. कर्मचारियों ने कहा कि अगस्त के लास्ट में ही बोनस मिलने से कर्मचारी त्योहारों में इसका सही उपयोग कर सकेंगे.