JAMSHEDPUR : टाटा स्टील के निबंधित कर्मचारी पुत्रों ने अपने रजिस्ट्रेशन के बदले कंपनी प्रबंधन से 3.50 लाख रुपये का एकमुश्त पैकेज की मांग की है। इस पर टाटा वर्कर्स यूनियन (टीडब्ल्यूयू) नेतृत्व ने भी निबंधित कर्मचारी पुत्रों को भरोसा दिलाया है कि वे पूरे मामले में ग्रेड रिवीजन की वार्ता में प्रबंधन से बात करेंगे।

टाटा वर्कर्स यूनियन नेतृत्व की वर्तमान कार्यकारिणी अब तक एक भी कर्मचारी पुत्र की टाटा स्टील में सीधी बहाली नहीं करा पाई है। भले ही वे इस मामले को टाटा समूह के चेयरमैन से लेकर कंपनी के प्रबंध निदेशक के समक्ष उठा चुके हों, लेकिन इसका कोई फलाफल नहीं निकला। ऐसे में टिस्को निबंधित कर्मचारी पुत्रों का यूनियन अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी पर से भरोसा उठ रहा है। इसलिए अब वे अपने रजिस्ट्रेशन के बदले एकमुश्त पैकेज की डिमांड की है। इससे पहले भी कंपनी प्रबंधन ने वर्ष 2006 में कई कर्मचारी पुत्रों को रजिस्ट्रेशन के बदले एकमुश्त पैकेज दिया था।

स्थायी नौकरी की मांग

टिस्को निबंधित कर्मचारी पुत्र लंबे समय से टाटा स्टील में स्थायी नौकरी की मांग कर रहे हैं। पिछली बार निबंधित कर्मचारी पुत्रों ने मोहन पांडेय के नेतृत्व में दो से 18 अगस्त के बीच टाटा वर्कर्स यूनियन कार्यालय के बाहर लगातार 17 दिनों तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया था। यूनियन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद का घेराव किया था। वहीं, 18 अगस्त को टाटा स्टील के जनरल ऑफिस गेट के बाहर अर्धनग्न प्रदर्शन भी किया था। मामले में संज्ञान लेते हुए उपश्रमायुक्त ने पूरे मामले में प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व को मिल बैठकर समस्या का समाधान करने को कहा था। लेकिन मामला अब भी ठंडे बस्ते में है और यूनियन नेतृत्व ने ग्रेड रिवीजन की वार्ता में प्रबंधन से बात करने का लॉलीपॉप निबंधित कर्मचारी पुत्रों को पकड़ा दिया है। लेकिन निबंधित कर्मचारी पुत्रों ने भी यूनियन नेतृत्व को चेतावनी दे दी है कि अब अगर उनके पक्ष में फैसला नहीं हुआ तो आर-पार की लड़ाई होगी और इसके जिम्मेदार अध्यक्ष आर रवि प्रसाद सहित यूनियन की पूरी कार्यकारिणी होगी।