कानपुर। जिंबाब्वे के बेहतरीन क्रिकेटरों में शुमार रहे ततेंदा टायबू फिर से क्रिकेट मैदान पर खेलते नजर आएंगे। तदेंदा ने साल 2012 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था मगर अपने बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें दोबारा क्रिकेट का दामन थाम लिया। आर्इसीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विकेटकीपर बैट्समैन तदेंदा ने यह फैसला अपने बेटे के कारण लिया। वह कहते हैं, 'मैं हमेशा कहता आया कि मेरा जीवन भावनाआें पर आधारित नहीं मगर अब लगता है मुझे अपने दिल की आवाज सुननी होगी। मेरा बेटा जूनियर ततेंदा अक्सर मुझसे पूछता है कि मैं कैसा खेलता था। उसने मुझे पहले कभी खेलते नहीं देखा क्योंकि तब वह बहुत छोटा था। खैर अब मैं उसकी यह ख्वाहिश पूरी करने जा रहा।' 35 साल के ततेंदा आज भी खुद को उतना ही फिट मानते हैं।
बेटा देख सके खेलते हुए इसलिए संन्यास के 6 साल बाद मैदान पर लौट रहा ये दिग्गज क्रिकेटर
सबसे कम उम्र के थे टेस्ट कप्तान

खबरों की मानें तो ततेंदा श्रीलंका में बदौरलिया स्पोर्ट्स क्लब की आेर से खेलते नजर आएंगे। ततेंदा ने अपना आखिरी मैच साल 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। अपने 12 साल के इंटरनेशनल करियर में ततेंदा ने कर्इ रिकाॅर्ड अपने नाम किए। ततेंदा को साल 2004 में जिंबाब्वे टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया था , उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 21 साल थी आैर वह दुनिया के सबसे कम उम्र के टेस्ट कप्तान बने।

बाद में निभार्इ सलेक्टर की भूमिका

2012 में क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद ततेंदा ने साल 2016 में फिर वापसी की, तब वह इंग्लैंड के सेंट मैरी सीसी टीम के कोच आैर प्लेयर थे। इसके ठीक एक साल बाद वह जिंबाब्वे क्रिकेट टीम के सलेक्टर बन गए, हालांकि उन्हें यह कुर्सी जल्द गंवानी पड़ी क्योंकि 2018 में जिंबाब्वे क्रिकेट टीम आर्इसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के लिए क्वाॅलीफार्इ नहीं कर पार्इ थी। तब सलेक्टर ही नहीं कोच सहित पूरी टीम को बर्खास्त कर दिया गया था।

गौतम गंभीर को आउट करने में लगते थे 10 घंटे, फिर भी इस गेंदबाज से थे डरते

कौन है ये अनोखा बल्लेबाज, जिसने एक आेवर में एक ही तरह से मारे 6 छक्के

Cricket News inextlive from Cricket News Desk