क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: शिक्षकों को एक बार फिर शैक्षणिक कार्य छुड़वाकर बीएलओ ट्रेनिंग में भेजा जा रहा है. इस संबंध में सदर एसडीओ (प्रभारी) मनोज कुमार ने पत्र जारी करते हुए सभी बीएलओ को प्रशिक्षण में जाना अनिवार्य कर दिया है. विदित हो कि शिक्षा सचिव रहते हुए अराधना पटनायक ने पत्र जारी कर सभी जिलों के डीसी को आदेश दिया था कि शिक्षकों को शैक्षणिक कार्य छुड़वाकर बीएलओ ट्रेनिंग पर ना भेजा जाए. उनके स्थान पर अन्य कर्मियों से यह काम कराया जाए. लेकिन, सचिव के इस आदेश को तार-तार करते हुए एक बार फिर शिक्षकों को बीएलओ ट्रेनिंग पर भेजने की तैयारी कर ली गयी है. इस आदेश से कई स्कूलों के विद्यार्थियों की पढ़ाई दावं पर लग गयी है. स्कूलों का कोर्स पूरा नहीं हुआ है और दशहरा के बाद परीक्षा की तिथि भी घोषित है, ऐसे में शिक्षकों के ट्रेनिंग पर जाने से बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं हो सकेगी.

ट्रेनिंग में नहीं जाने पर कार्रवाई

सितम्बर की 9-10 तारीख को बीएलओ की ट्रेनिंग रखी गई थी. इस ट्रेनिंग में जो भी शिक्षक आवश्यक कारणों से शामिल नहीं हो पाए थे उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है. इससे साफ है कि यदि लोग ट्रेनिंग में शामिल नहीं हुए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उनका वेतन भी रोक दिया जाएगा.

चार क्लास में एक टीचर

सिटी के स्कूलों का यह हाल है कि यहां कुछ स्कूलों में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों को अंग्रेजी या गणित विषय पढ़ाने वाले मात्र एक ही शिक्षक हैं. इन शिक्षकों को भी बीएलओ की ट्रेनिंग में जाना अनिवार्य किया गया है. ऐसे में स्कूल में पढ़ाई कैसे होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है.

वर्जन

मुख्य सचिव के स्तर से भी पत्र जारी कर आदेश दिया गया था कि पहले अन्य कर्मियों को बीएलओ कार्य में लगाया जाए. उसके बाद भी यदि रिक्तियां रहे तभी चुनिंदा शिक्षकों को इस कार्य में लगाया जाए. विभाग की तरफ से बार-बार अनुरोध किया जाता है लेकिन अब डीसी पर है कि क्या कार्रवाई करेंगे.

एपी सिंह, शिक्षा सचिव

सचिव के आदेश के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं कर सकता. 9 और 10 सितम्बर को जो भी शिक्षक ट्रेनिंग पर नहीं गए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी है. स्पष्टीकरण मांगा गया है जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी.

मनोज कुमार, एलआरडीसी सह प्रभारी एसडीओ