क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में अब प्रोफेसर रिटायरमेंट की उम्र तक पीएचडी के लिए एनरॉलमेंट करा सकते हैं.मतलब साफ है कि जो प्रोफेसर या रीडर छात्रों को पीएचडी कराने के इच्छुक हैं वे अब अपने रिटायरमेंट तक अपना एनरोलमेंट करा सकते हैं. पहले यह नियम था कि कोई भी प्रोफेसर अपने रिटायरमेंट के तीन वर्ष पूर्व तक ही अपना एनरोलमेंट करा सकता है. लेकिन, यूजीसी की नई गाइडलाइन को डीएसपीएमयू ने अमलीजामा पहना दिया है.

ये होगा फायदा

पूर्व में शोधार्थियों को पीएचडी और एमफिल कराने में प्रोफेसरों पर ज्यादा स्टूडेंट को पीएचडी और एमफिल कराने की जिम्मेदारी होती थी वहीं अब प्रत्येक प्रोफेसर की जवाबदेही सुनिश्चित कर दी गई है. अब एक प्रोफेसर नौ पीएचडी, तीन एमफिल करा सकता है, वहीं एसोसिएट प्रोफेसर सात पीएचडी व तीन एमफिल और असिस्टेंट प्रोफेसर छह पीएचडी और तीन एमफिल करा सकेंगे. वहीं, रांची यूनिवर्सिटी में अभी एक प्रोफेसर को 16 पीएचडी, एसोसिएट प्रोफेसर 12 और असिस्टेंट प्रोफेसर 8 पीएचडी करा सकते हैं.

31 तक पूरी हो नामांकन प्रक्रिया

आरयू के वीसी प्रो रमेश कुमार पांडेय ने सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि 21 अगस्त तक एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जाए. मंगलवार को सभी संकायध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों के साथ बैठक में वीसी ने ये निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पीजी में 2018-20 के लिए एडमिशन प्रारंभ किया जा चुका है. एडमिशन की प्रक्रिया में नामांकन शुल्क आदि में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा. शुल्क विभागाध्यक्ष के माध्यम से बैंक चालान द्वारा जमा किया जाएगा. अगर किसी स्टूडेंट को असुविधा होती है तो वे सीधे विभागाध्यक्ष से संपर्क कर सकते हैं.