सरकारी स्कूलों में ड्राप आउट बच्चों के लिए अपर शिक्षा निदेशक ने जारी किए निर्देश

Meerut. कोई न रहे शिक्षा से वंचित, हर एक को मिले शिक्षा का अधिकार के नारे के साथ बेसिक शिक्षा विभाग घर-घर में शिक्षा की अलख जगाएगा. साथ ही ड्राप आउट बच्चों के अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित करेगा.

45 दिन बाद ड्राप आउट

अगर कोई बच्चा 45 दिन या उसे अधिक दिन के लिए बिना सूचना दिए स्कूल नहीं आता है, तो उसे ड्राप आउट माना जाएगा. अपर शिक्षा निदेशक की ओर से जारी पत्र में यह जानकारी दी गई है. इसके अलावा शासन ने ड्राप आउट कम करने तथा सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं. इसके लिए स्कूल हैड अपने-अपने क्षेत्र में विशेष कैंपेन चलाएंगे. साथ ही पैरेंट्स को भी बच्चों को स्कूलों में एडमिशन करवाने के लिए प्रेरित करना होगा.

स्कूलों देंगे रिपोर्ट

ड्राप आउट कम करने तथा सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग को ब्लाक वाइज कैंपेन भी चलाना होगा. इसके लिए टीचर्स डोर टू डोर जाकर लोगों को शिक्षा का महत्व और जरूरत के बारे में बताएंगे. वहीं स्कूल हैड इस बात पर विशेष ध्यान देंगे कि कोई भी बच्चा स्कूल में दाखिल होने से वंचित न रहे. इसके लिए स्कूलों को रिपोर्ट बनाकर विभाग को देनी होगी.

ड्राप आउट बच्चों को स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा. 45 दिन तक स्कूल न आने वाला प्रत्येक स्टूडेंट ड्राप आउट माना जाएगा.

सतेंद्र सिंह ढाका, बीएसए, मेरठ