20 साल जीत के भूखे
लगातार छह टूर्नामेंट में जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया इतिहास रचने का इरादा लिए सोमवार को दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए कूच कर गई. दक्षिण अफ्रीकी किले पर इंडियन टीम पिछले 20 सालों में फतह नहीं पा सकी है, लेकिन माना जा रहा है कि जो अब तक नहीं हुआ, वह इस बार होगा. 20 साल का समय कम नहीं होता. पीढिय़ां बदल जाती हैं. टीम इंडिया भी अब बदल चुकी है. इसमें अबकी सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे बड़े नाम नहीं हैं, लेकिन प्रचंड फॉर्म में चल रहे विराट कोहली, शिखर धवन, रोहित शर्मा जैसे युवा तुर्क हैं, जो हर मायने में बेहतरीन हैं और जीत के भूखे हैं.

वनडे इंडिया नंबर 1

दूसरी तरफ कुछ विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अफ्रीकी सफारी पर गई टीम इंडिया की राहें आसान नहीं होंगी, कुछ का तो यह भी मानना है कि कई युवा भारतीय बल्लेबाजों के लिए यह दौरा आंखे खोलने वाला रहेगा. दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल वाली पिचों पर खेलना भारत के लिए हमेशा चुनौती भरा रहा है और यही वजह है कि पिछले 20 से अधिक वर्षों से वह कभी वहां सीरीज नहीं जीत पाया. भारत का यह कुल छठा अफ्रीकी दौरा है और इस बार भारतीय टीम पहले तीन वनडे मैच और फिर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी.
इंडिया अभी दुनिया की नंबर एक वनडे टीम है, इसके बावजूद उसके लिए दक्षिण अफ्रीका में जीत दर्ज करना सबसे बड़ी चुनौती है. धौनी की टीम की पहली चुनौती तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी, जिसमें उसका प्रदर्शन अभी तक कुछ खास नहीं रहा है. इन दोनों टीमों के बीच दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर अब तक जो 25 वनडे मैच खेले गए हैं उनमें से भारत केवल पांच में जीत दर्ज कर पाया है. इस बीच उसने 19 मैच गंवाए, जबकि एक मैच का परिणाम नहीं निकला.

बड़े अंतर से आगे

इन दोनों टीमों के बीच दक्षिण अफ्रीका में अब तक तीन द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेली गई है और इन तीनों में मेजबान टीम ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. दक्षिण अफ्रीकी ने 1992-93 में 5-2 से, 2006-07 में 4-0 से और 2010-11 में 3-2 से जीत दर्ज की थी. भारत इस तरह से दक्षिण अफ्रीका में द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 16 मैचों में केवल चार में जीत दर्ज कर पाया है और 12 में उसे हार मिली.

इंडिया की नई रन मशीन

पिछले आंकड़ों के बावजूद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं. शायद इसका कारण उसके शीर्ष बल्लेबाजों का फॉर्म में होना है. सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली 2013 में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में अपना दबदबा बनाया. सचिन तेंदुलकर के बाद भारत की नई रन मशीन विराट कोहली 31 मैचों में 1237 रन बनाकर इस साल टॉप पर हैं. वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज रोहित शर्मा 25 मैचों में 1159 रन बनाकर दूसरे स्थान पर हैं, जबकि उनके सलामी जोड़ीदार शिखर धवन 23 मैचों में 1150 रन बनाकर तीसरे स्थान पर हैं.

शतकों में धवन आगे

यह भी दिलचस्प है कि बल्लेबाजी औसत में तीनों बल्लेबाज एकदूसरे के लगभग आसपास हैं. कोहली का बल्लेबाजी औसत 56.22, रोहित का 55.19 और धवन का 57.50 है. विराट ने इस साल चार शतक और सात अर्धशतक, रोहित ने दो शतक और आठ अर्धशतक तथा धवन ने पांच शतक और चार अर्धशतक बनाए हैं. 2013 में सर्वाधिक शतक बनाने में धवन पांच शतकों के साथ चोटी पर पहुंच गए हैं. धवन इस शतक के साथ वनडे में सबसे कम पारियों में पांच शतक बनाने में श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज उपुल तरंगा की बराबरी पर पहुंच गए हैं. धवन और तरंगा ने 23 पारियों में पांच शतक बनाने की उपलब्धि हासिल की है.

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