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PATNA: अपनी पत्नी से तलाक अर्जी कोर्ट में देने के बाद लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव देवी देवताओं की शरण में चले गए हैं. पहले वाराणसी फिर विंध्याचल और अब श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा पहुंच गए हैं. तलाक की अर्जी देने के बाद वह लगातार अपना पता बदल रहे हैं. दिवाली के दिन विंध्याचल के मुख्य मंदिर में शत्रु विनाशक पूजा के बाद गुरुवार को तेजप्रताप की टीम देर शाम मथुरा पहुंच गई, जहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की. अगले दो दिनों तक तेजप्रताप मथुरा और वृंदावन की गलियों और मंदिरों में ही भ्रमण करेंगे. उसके आगे का कार्यक्रम अभी तय नहीं है. किंतु इतना तय है कि वह फिलहाल पटना नहीं आने वाले हैं.

तेजप्रताप के साथ चल रहे धर्मनिरपेक्ष सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिनंदन यादव ने बताया कि विंध्याचल में पूजा के बाद हमलोग देर शाम मथुरा पहुंच गए हैं. विघ्न-बाधाओं से निजात पाने के लिए विंध्याचल में मुख्य मंदिर में ही पूजा का विधान किया गया. गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में रहना है.

फीका बीतेगा तेजस्वी का जन्मदिन

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का शुक्रवार को 29वां जन्मदिन है. पिछली बार तेजप्रताप ने अपने भाई की सलामती और सियासत में तरक्की के लिए पटनदेवी मंदिर में विशेष पूजा की थी. 28 दीपों से महाआरती और मंदिर परिसर में गायों की सेवा की थी. युवा राजद ने नौ नवंबर को युवा दिवस के रूप में मनाया था. तेजस्वी ने भी राजद कार्यालय एवं अपने सरकारी आवास में अपने हाथों से पौधे लगाए थे. युवा राजद के कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में हजारों पौधे लगाकर उस दिन को यादगार बनाने की कोशिश की थी.

दीपावली पर सूना-सूना रहा राबड़ी देवी का आवास

राबड़ी देवी के सरकारी आवास में दीपावली का त्योहार इस बार फीका रहा. तेजप्रताप की अनुपस्थिति में घर का माहौल सूना-सूना था. पिछले चार-पांच सालों से तेजप्रताप की अगुवाई में ही आवास का माहौल दीपमय रहता था. देर रात तक राजद के नेताओं-कार्यकर्ताओं का आना-जाना लगा रहता था. किंतु इस बार ऐसा कुछ नहीं था. ऐश्वर्या राय समेत पूरे परिवार का इंतजार खत्म नहीं हुआ. चंद्रिका राय की टकटकी भी लगी हुई थी कि विंध्याचल से पूजा करने के बाद शायद तेजप्रताप पटना के लिए पलट जाएं. किंतु देर रात तक कोई सूचना नहीं मिली तो निराशा हाथ लगी.