- दूर-दराज क्षेत्रों में अब टेली मेडिसिन सेवा

- सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आईटी कंपनी के साथ समझौता पत्र पर किए हस्ताक्षर

DEHRADUN : डाक्टरों को पहाड़ चढ़ाने में पूरी तरह से नाकाम हो चुकी राज्य सरकार ने अब दूर-दराज के क्षेत्रों में टेली मेडिसिन सेवा के जरिये विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराने के फैसला लिया है. इसके लिए बुधवार को सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटी कंपनी हेवलेट पेकार्ड इंटरप्राइजेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ बाकायदा समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए. सीएम ने कहा कि टेली मेडिसिन सेवा से पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा.

क्या है टेली मेडिसिन

इसमें अस्पतालों में ई-सेंटर स्थापित किये जाते हैं. जहां कर्मचारी मरीजों की जांच करते हैं. जांच की रिपोर्ट तुरन्त इंटरनेट पर अपलोड की जाती है. इंटरनेट से मिली रिपोर्ट का विशेषज्ञ डॉक्टर अध्ययन करते हैं और इलाज की सलाह देते हैं. विशेषज्ञ डॉक्टर दूर बैठे ही दवाइयां लिख देते हैं.

4 सीएचसी में शुरुआत

फिलहाल यह सेवा राज्य में चार सीएचसी पर शुरू की जा रही है. समझौते के अनुसार कम्पनी द्वारा इन 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लगभग 65 प्रकार के मेडिकल टेस्ट करवाने व तुरन्त रिजल्ट अपलोड करने के साथ ही प्रमुख व आवश्यक पैथोलॉजी उपकरण तथा आईटी उपकरण प्रदान किये जायेंगे. साथ ही एक-एक स्टूडियो भी स्थापित किया जायेगा. स्टूडियो में कम्पनी की ओर से स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहेंगे.

सीएचसी के स्टाफ को ट्रेनिंग

जिन सीएचसी पर यह सेवा दी जाएगी वहां तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को कंपनी ट्रेनिंग देगी, ताकि इलेक्ट्रोनिक मेडिकल रिका‌र्ड्स का रख-रखाव और उपकरणों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके.

सीएम बोले, वरदान बनेगी सेवा

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उलराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में टेली मेडिसिन वरदान सिद्ध हो सकती है. राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में टेली मेडिसिन सेवाओं का महत्व समझती है.

टेली रेडियोलॉजी पहले से

इससे पहले राज्य के 12 अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी सुविधा शुरू कर दी गई है. राज्य के 23 अन्य अस्पतालों में भी टेली रेडियोलॉजी सेवा शुरू की जा रही है. टेली रेडियोलॉजी सुविधा अपनाने वाला उलराखण्ड देश का पांचवा राज्य है. जबकि टेली मेडिसिन अपनाने वाला उलराखंड देश का 17वां राज्य बन गया है.

ये थे मौजूद

इस मौके पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव नितेश कुमार झा, राधिका झा, डीजी हेल्थ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. नवीन बलूनी और हेवलेट पेकार्ड इन्टरप्राईस इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी सुशील बाटला आदि उपस्थित थे.