मेरठ में विभाग की शह पर हो रहा था राशन घोटाला

नहीं खोली गई फर्जी आधार कार्ड की डिटेल

Meerut : टेलीकॉम कंपनी के साथ मिलकर जिला पूर्ति विभाग ने मेरठ मंडल के विभिन्न जनपदों में राशन घोटाले को अंजाम दिया. गरीबों के हक पर सर्वाधिक डाका मेरठ जनपद में डाला गया. स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) की जांच में निकलकर आया कि मेरठ में 108 अवैध आधार कार्ड लगाकर फर्जी पात्र गृहस्थी कार्ड से राशन निकाला जा रहा था. इसमें विभागीय अधिकारियों के अलावा तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर की भूमिका उजागर हुई है.

ऐसे दिया अंजाम

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लागू होने के बाद देश में पात्र गृहस्थी को खपत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में गेहूं और चावल सरकारी राशन की दुकानों से दिया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी भी धड़ल्ले से हो रही है. मेरठ में गत दिनों एसआईटी की जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर डीएम अनिल ढींगरा के निर्देश पर 32 मुकदमें दर्ज कराए गए, 149 सरकारी राशन दुकानदार को नामजद किया गया. वहीं 108 ऐसे फर्जी राशन कार्ड भी पकड़े गए, जिनमें आधार कार्ड फर्जी अटैच किया गया था. पूर्ति विभाग ने सभी मुकदमों में सरकारी राशन दुकानदार को तो नामजद किया किंतु फर्जी आधार कार्ड से राशन ले रहे फर्जी उपभोक्ताओं को नामजद नहीं किया, जबकि फर्जी आधार कार्ड के 16 डिजिट का नंबर पुलिस को दे दिया गया.

विभाग की भूमिका उजागर

पड़ताल में निकलकर आया कि टेलीकॉम कंपनियों से आधार कार्ड हासिल करके उन्हें पात्र गृहस्थी कार्ड के साथ अटैच कर राशन की कालाबाजारी की जा रही थी. इस पूरे घटनाक्रम में विभाग में तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहा है. क्योंकि राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड सीडिंग का कार्य कम्प्यूटर ऑपरेटर ही करते हैं. विभाग के उन अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है जो अपने लॉगिन आईडी से कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को पासवर्ड देकर विभागीय कार्य करा रहे थे. गौरतलब है कि मेरठ में आधार कार्ड सीडिंग का कार्य मैसर्स राइजिंग स्टार आईटी सॉल्यूशन कंपनी कर रही है. कंपनी की ओर से मेरठ के जिला पूर्ति विभाग में 32 कम्प्यूटर ऑपरेटर्स तैनात हैं. खाद्य एवं रसद विभाग आयुक्त आलोक कुमार ने भी मेरठ समेत प्रदेश के 43 जनपदों में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को डाटा ऑपरेटर, सरकारी राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

पूर्व विधायक ने डीएसओ को घेरा

पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ समेत प्रदेश के 43 जनपदों में सपा कार्यकाल के दौरान हुए करीब 80 करोड़ रुपये के राशन घोटाले का खुलासा किया था. एक बार फिर राशन घोटाले में पूर्ति कार्यालय की भूमिका उजागर होने के बाद पूर्व विधायक ने शुक्रवार को जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम का घेराव किया. आधार नंबर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर पूर्व विधायक ने विभाग की मंशा उजागर करते हुए कहा कि अधिकारी खुद के बचाव की फिराक में हैं. आधार नंबर के बजाय फर्जी आधार कार्ड के दर्ज व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग डॉ. वाजपेयी ने डीएसओ से की. वहीं समर्थकों के संग पूर्ति विभाग पहुंचने पर सभी 32 ऑपरेटर को कार्यालय से हटा दिया गया, जिसपर डॉ. वाजपेयी ने अधिकारियों की मंशा पर जमकर सवाल खड़े किए. करीब 2 घंटे तक पूर्व विधायक ने डीएसओ समेत पूर्ति विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का घेराव किया.