- सपा सरकार ने पूर्वाचल एक्सप्रेस वे में तीन हजार करोड़ का डाका डाला

- अपने लोगों के लिए बनाते थे योजनाएं, जनता नहीं ठेकों पर सारा ध्यान था

- एनआरसी पर बोले, कौन शरणार्थी है और कौन घुसपैठिया, तय होना चाहिए

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LUCKNOW:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा में पूर्ववर्ती सपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में पहले कैसी सरकारें थी जो आतंकियों के मुकदमे वापस ले रही थी. यदि अदालत न होती तो जेल से छूटने के बाद न जाने कितनी जगहों को यह दहलाते. इनके मुकदमे वापस लेना राष्ट्रदोह के अपराध से कम नहीं है. ये सरकारें दलितों, गरीबों की नहीं, आतंकियों की हितैषी थी. योगी ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर पर कहा कि हमें तय करना होगा कि कौन इस देश का नागरिक है. शरणार्थियों को सम्मान, सुविधाएं देना हमारी परंपरा है पर घुसपैठिए के रूप में हमारे संसाधनों पर डाका डालने वालों को छूट नहीं दी जानी चाहिए.

तीन हजार करोड़ का डाका

योगी ने कहा कि सपा सरकार ने काम नहीं, कारनामे किए थे. पूर्वाचल एक्सप्रेस योजना को अपना नाम दे दिया. योजना किसी व्यक्ति या दल की नहीं, जनता की होती है. महज 20 फीसद भूमि अधिग्रहण कर टेंडर भी जारी कर दिया. एक्सप्रेस वे की लागत 15,200 हजार करोड़ रुपये भी तय कर दी. हमने एक्सप्रेस वे की 94 फीसद भूमि अधिग्रहित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसका शिलान्यास कराया. इसकी लागत को कम करके 11,800 हजार करोड़ तक लाए. ये शेष तीन हजार करोड़ किसकी जेब में जा रहा था, कौन इसे डकारना चाहता था, सपा को इसका जवाब देना होगा. यह एक योजना में तीन हजार करोड़ की डकैती है. दरअसल सपा सरकार में योजनाएं जनता के लिए नहीं, अपने लोगों के लिए बनाई जाती थी. कुछ लोगों ने तो बाढ़ राहत कार्यो को भी ठेके-पट्टे से जोड़ दिया था. ठेका नहीं मिलेगा तो धरना देने लगेंगे, काम नहीं करने देंगे. हमने ई-टेंडरिंग से काम दिया तो पूरे प्रदेश को बाढ़ से सुरक्षित किया जा सका. महज एक दर्जन गांव प्रभावित हैं जिन्हें अगले साल तक पूरी तरह सुरक्षित बना दिया जाएगा. पिछली सरकार ने तो अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसी जगह जमीन दी जहां मेडिकल कॉलेज बन ही नहीं सकता था. रायबरेली और अमेठी का हाल कौन नहीं जानता, अब हम वहां के लिए भी पैसा दे रहे हैं.

अपना वजूद बचाने की छटपटाहट

अनुपूरक बजट पेश होने से पहले विपक्ष द्वारा सदन से बहिगर्मन करने पर योगी ने कहा कि विपक्ष खुद का वजूद बचाने को छटपटा रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नसीहत पर इन्हें ध्यान देना चाहिए कि 'छोटे मन से कोई खड़ा नहीं होता..' दरअसल इनकी रुचि गरीबों के मकान नहीं, अपने महल बनाने में थी तभी इन्होंने प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना लागू नहीं होने दी. केंद्र सरकार यूपी को 150 लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस देना चाहती थी पर सपा सरकार ने इस डर से नहीं ली कि कहीं इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रांडिंग न हो जाए. बोले कि पीएम मोदी किसी की ब्रांडिंग के मोहताज नहीं हैं. योगी इतने पर ही नहीं रुके और कन्नौज और मैनपुरी के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि किस तरह सपा ने अपने प्रभाव वाले इलाकों में लोगों को मकान, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलने से रोका. आरोप लगाया कि सपा और बसपा की सरकार ने दलितों का शोषण किया, उन्हें योजनाओं से वंचित रखा.

बीआरडी में केवल छह मौतें

योगी ने कहा कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले साल 400 मरीज भर्ती हुए थे जिनमें से 86 की मौत अगस्त माह में हुई थी. आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि छह विभागों के सामूहिक प्रयास की बदौलत इस बार केवल 80 मरीज भर्ती हुए जिनमें से केवल छह लोगों की ही मृत्यु हुई है. दरअसल ये जगह पिछली सरकारों के पाप की स्मारक बन गयी थी.

एक भी दंगा नहीं हुआ

वहीं कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की तुलना में हर तरह के अपराध में अप्रत्याशित रूप से कमी आई है. जो लोग प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं उनकी दृष्टि में दोष है. हमारी सरकार हर नागरिक की सुरक्षा को संकल्पित है और हर अपराधी से निपटना बखूबी जानती है.

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना

सीएम ने कांग्रेस पर भी तंज कसते हुए कहा कि इनका हाल तो बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना जैसा है. उनके नेता राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है फिर भी ये सपा से चिपके हुए हैं. बसपा कहती है कि सपा से हमारी उतनी ही दूरी है जितनी पहले थे. नसीहत दी कि सांप हमेशा सांप ही होता है, नेवला नहीं बन जाता है.

राजस्व में भी वृद्धि

मुख्यमंत्री ने तमाम विभागों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछली सरकार की तुलना में आबकारी, खनन, जीएसटी, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन में दोगुने तक का राजस्व मिलने लगा है. इससे पता चलता कि पिछली सरकारें क्या गुल खिला रही थी. बताया कि हमने पिछले बजट की तुलना में 52 फीसद अधिक धनराशि खर्च की है.