- पुलिस कस्टडी रिमांड में पूछताछ के दौरान कबूलनामे पर दो अरेस्ट

- आधा दर्जन युवक एटीएस के राडार पर, बिहार में डाला डेरा

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LUCKNOW : लोहिया पथ से दबोचे गए आईएस आतंकी शेख अली अकबर बिहार में अपना नेटवर्क खड़ा कर चुका था. उसने न सिर्फ वहां एक दर्जन युवकों को बरगला कर अपने संग काम करने को राजी किया था बल्कि, उन्हें कश्मीरी आतंकियों से मिलवाने वाला भी था. पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान अली के इसी कबूलनामे के बाद ही एटीएस ने बिहार में डेरा डाला और रविवार को उसके नेटवर्क के दो मेंबर्स को अरेस्ट कर लिया. बताया जा रहा है कि जल्द ही कुछ और युवकों की अरेस्टिंग हो सकती है.

दक्षिणी बिहार को बनाया निशाना

एटीएस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अली ने बताया कि उसने पुलिस की निगाह से बचने के लिये नेटवर्क खड़ा करने के लिये दक्षिणी बिहार को चुना. वहां पहले से उसके कुछ रिश्तेदार और परिचित रहते हैं. यही वजह है कि वहां पर आना-जाना लगा रहता था. उसने बताया कि आने-जाने के दौरान कुछ युवकों से उसका संपर्क हो गया था. पाकिस्तानी महिला एजेंट ने जब उससे लोगों को अपने संग जोड़ने की बात कही तो वह गया पहुंचा और वहां उसने युवकों से बात की. उन्हें जेहाद के लिये भड़काया. अली ने बताया कि कई युवकों ने तो उसका साथ देना मंजूर कर लिया लेकिन, कुछ ने उसे दुत्कार दिया. उसकी बातों में आ चुके युवकों से वह बीते समय में लगातार संपर्क में रहा.

हवाला के जरिए भी मिलती थी रकम

एटीएस सूत्रों ने बताया कि अली के कुबूलनामे के बाद ही डिप्टी एसपी विजय मल यादव के नेतृत्व में एटीएस टीम ने गया में डेरा डाल दिया और रविवार को अकबर के दो साथियों मो. अनवर और मो. शामी को अरेस्ट कर लिया. सूत्रों की मानें तो अली द्वारा जेहाद के लिये तैयार किये गए आधा दर्जन युवक अब भी एटीएस के राडार पर हैं, जिनकी अरेस्टिंग किसी भी वक्त हो सकती है. सूत्रों ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि बिहार के युवकों को हवाला के जरिए रकम मुहैया कराई जाती थी. यही नहीं, उन युवकों के जरिए ही अली अकबर मुंगेर से पिस्टल की सप्लाई कराने वाला था. जिन्हें आतंकियों तक पहुंचाने की योजना थी.

जाने वाले थे कश्मीर

शेख अली अकबर के बरगलाने का असर युवकों पर किस कदर पड़ा था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार को अरेस्ट किये गए मो. अनवर और मो. शामी इसी महीने के आखिरी सप्ताह में 'जेहाद' के लिये कश्मीर जाने वाले थे. जहां उन्हें आतंक का टास्क मिलना था. यह खुलासा अनवर के मोबाइल की वाट्सएप चैट से हुआ है. उसे कश्मीर में बैठे उसके आकाओं ने कश्मीर आने का निमंत्रण दिया था. जिस पर अनवर और शामी कश्मीर जाने की तैयारियों में जुटे थे. अली की बातों से प्रभावित होकर ही मो. अनवर ने 'हिज्बुल हमारी शान' नाम का वाट्सएप ग्रुप बनाया था. इसी ग्रुप के जरिए वह अली अकबर व अन्य साथियों के साथ संपर्क में था.