एक बार फिर 'आरक्षण' सुर्खियों में है. 90 के दशक में कांट्रोवर्सियल तरीके से उठे इस इश्यू पर फिल्म बनाई है डायरेक्टर प्रकाश झा ने. रिजर्वेशन पॉलिसी और इसके पक्षों को अपने अंदाज में प्रकाश झा अपकमिंग मूवी 'आरक्षण' के माध्यम से दर्शकों के सामने ला रहे हैं. फिल्म में काम किया है महानायक अमिताभ बच्चन, मनोज वाजपेयी, सैफ अली खान, दीपिका पदुकोण और प्रतीक बब्बर ने. फिल्म 12 अगस्त को रिलीज हो रही है और इसके प्रोमोशन के लिए प्रकाश झा व मनोज वाजपेयी के साथ बुधवार को अमिताभ बच्चन ने सिनेपोलिस में प्रेस कांफ्रेंस की.

तीन घंटे में मिलता है पोएटिक जस्टिस

'आरक्षण' में अपने कैरेक्टर डॉ प्रभाकर आनंद से अमिताभ बच्चन इंस्पायर्ड हैं. उन्होंने कहा कि सात साल पहले जब प्रकाश झा जी ने मुझे इसकी स्टोरी बताई, तो मैं अपने कैरेक्टर को सुनकर ही फिल्म करने को तैयार हो गया. हालांकि इसका सब्जेक्ट क्रूशियल था, जिसपर प्रकाश जी को काफी मेहनत करनी पड़ी, फैक्ट्स खंगालने पड़े. फाइनली हमने जनवरी में भोपाल में शूटिंग की. श्री बच्चन ने बताया कि फिल्मों के बारे में बाबूजी की एक राय थी कि हिंदी फिल्मों के तीन घंटों में ही पोएटिक जस्टिस मिलता है. मैं भी यही मानता हूं और अपने हर कैरेक्टर को जीने की कोशिश करता हूं. उन्होंने कहा कि फिल्म में मेरा कैरेक्टर एक आदर्शवादी प्रिंसिपल का है, जो बिना भेदभाव के अपना काम करता है.

शहर में शहंशाह!

'रिजर्वेशन नहीं, कैपिटलाइजेशन पर है फिल्म'

बच्चन ने कहा कि आरक्षण के इश्यू पर किसी से भी पूछें, सही जवाब कोई नहीं दे सकेगा. लेकिन रिजर्वेशन अब एक कांस्टीच्यूशनल ट्रूथ है. हमारी डेमोक्रेसी में हमें इसका पालन करना है, लेकिन यह फिल्म सिर्फ रिजर्वेशन या इसकी पॉलिसी से रिलेटेड नहीं है. इसका फोकस कैपिटलाइजेशन ऑफ एजुकेशन है. फिल्म में काम करना एक बेहतरीन अनुभव रहा. विशेषकर मनोज वाजपेयी के साथ काम करना. बिग बी ने कहा कि मनोज वाजपेयी ऐसे एक्टर हैं, जिनके साथ काम करने को उत्सुक रहता हूं.

मुझे 'अमित जी' ने बनाया एक्टर

बिग बी के बाद बारी थी उनके साथ दो फिल्में कर चुके मनोज वाजपेयी की. मनोज वाजपेयी ने कहा कि यहां बैठकर मैं भावुक हो रहा हूं. क्योंकि मुझे उनके साथ दो फिल्में करने का अवसर मिला है, जिनकी फिल्में देखने के लिए मैं भागकर मोना-एलिफिंस्टन थिएटर पहुंचता था. अमित जी को देखकर ही एक्टर बनने का सुरूर चढ़ा. मनोज ने कहा कि फिल्म में जब बिग बी मौजूद हों, तो बाकी लोगों के लिए कुछ खास करने का मतलब नहीं होता. मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनके साथ की दोनों मूवीज में उनके अगेंस्ट कैरेक्टर मिला है. उन्होंने बताया कि फिल्म के दौरान एक सीमा में अमित जी मुझे पूरी छूट देते हैं.

'दिक्कत है तो मुझसे भी कहें'

इस अवसर पर फिल्म के डायरेक्टर प्रकाश झा ने कहा कि आरक्षण जैसे कांट्रोवर्सियल इश्यू पर फिल्म बनी है. इसमें आरक्षण के साथ होने वालों और इसके खिलाफ वालों की भी की भी बातें हैं. श्री झा ने कहा कि पहली बार मैंने अपनी फिल्म में चार गाने शामिल किए हैं. जो बातें डायलॉग में शामिल नहीं हो सकी, उन्हें गानों के माध्यम से डाला गया है. फिल्म के बारे में पॉलिटिकल लीडर्स के विरोध के बारे में प्रकाश झा ने बताया कि सभी लीडर्स अपनी कांस्टीच्युएंसीज में विरोध की बात कर रहे हैं. मैंने बनाई है. दिक्कत है तो मुझसे कहें, मैं सबके कंफ्यूजन को क्लीयर करने के लिए तैयार हूं. हालांकि अब तो हफ्ते भर की देरी है, फिल्म 12 को रिलीज हो रही है. उम्मीद है सबको अच्छी लगेगी.