IQ टेस्‍ट को पीछे छोड़ यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खोलेगा हमारी स्‍मार्टनेस के राज

वाशिंगटन (पीटीआई) आई क्यू टेस्ट के बारे में तो आपने सुना ही होगा। दिमागी एक्‍टीविटी से जुड़े इस टेस्ट के द्वारा यह जानने की कोशिश की जाती है, कि कोई व्यक्ति कितना स्मार्ट और इंटेलिजेंट है, लेकिन उस टेस्ट द्वारा किसी की स्‍मार्टनेस को साबित कर पाना काफी मुश्किल होता है। इस समस्या को हल करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम डेवलप किया है जोकि किसी भी व्यक्ति के मस्तिष्क का एमआरआई स्कैन देखकर यह बता देता है कि वह व्यक्ति रियल लाइफ में कितना स्मार्ट और इंटेलिजेंट है।

यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेस्ट खत्म कर सकता है आई क्यू टेस्ट की जरूरत

कैलीफोर्निया इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी, सेडार-शिनाई मेडिकल सेंटर और सेलर्नो यूनीवर्सिटी के कई रिसर्च साइंटिस्ट्स की एक टीम ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल विकसित किया है जो कि किसी भी सोए हुए व्यक्ति के दिमाग की फंक्शनल मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग यानि FMRI स्कैनर देखकर बता देता है कि वह व्यक्ति रियल लाइफ में कितना इंटेलिजेंट और स्मार्ट है। इस रिसर्च टीम के मुताबिक रात को सोते वक्त जब कोई व्यक्ति किसी खास काम को नहीं कर रहा होता है जैसे कि वह कोई क्वेश्चन नहीं कर रहा होता है, मैथ या वोकैबलरी का टेस्ट नहीं दे रहा होता है। ऐसे में कुछ ना करते हुए भी उसके दिमाग में चल रही एक्टिविटी के पैटर्न को यह एम आर आई स्कैन नोट कर लेता है और उसे देखकर यह AI प्रोग्राम उस व्यक्ति की स्मार्टनेस और इंटेलिजेंस के बारे में तमाम महत्वपूर्ण बातें सटीक ढंग से बता सकता है।

iq टेस्‍ट हुआ पुराना,अब यह ai प्रोग्राम दिमाग को स्कैन कर बता देगा,हम सच में हैं कितने इंटेलिजेंट?


कैसे बनाया ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम
?

इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम को स्‍मार्टनेस का पता लगाने लायक बनाने के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने करीब 900 लोगों के इंटेलिजेंस स्‍कोर और उनके ब्रेन स्कैन का डाटा इस प्रोग्राम में डाला है। जिसके आधार पर यह AI प्रोग्राम लोगों के सोते हुए मस्तिष्क की जांच करके उनके इंटेलिजेंस का पता बताता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हजारों लाखों लोगों पर सालों से चल रही रिसर्च के दौरान यह पाया गया है कि आई क्यू टेस्ट से किसी के इंटेलिजेंस का कई बार ठीक से पता नहीं चल पाता। वजह यह है कि किसी भी व्यक्ति का इंटेलिजेंस इन तीन बातों से प्रभावित होता है - शॉर्ट टर्म मेमोरी, रीजनिंग और वर्बल एबिलिटी। अगर कोई व्यक्ति इन तीनों में से किसी एक में बहुत माहिर है तब भी हम यह नहीं कह सकते कि वह बाकी बची दोनों चीजों में भी माहिर और इंटेलिजेंट होगा लेकिन इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेस्ट से यह सच में पता चल जाता है कि इंटेलीजेंसीं से जुड़े दिमाग के कुछ खास हिस्सों में में सोते वक्‍त भी खून का प्रवाह कैसा रहा और उसमें कैसा बदलाव हो रहा है। इसी आधार पर उस व्यक्ति की ओवरऑल इंटेलिजेंस का बेहतर अनुमान लगाया जाता है।

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