- कॉमनवेल्थ गेम्स में मेरठ के मो। असब ने जीता ब्रांज

- शूटिंग के डबल टै्रप इवेंट में किया शानदार प्रदर्शन

MEERUT : अल्लाह की इबादत करके मेरठ के मो.असब ने मेडल अपनी झोली में डाल लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग के डबल टै्रप इवेंट में मो। असब ने दमदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए ब्रांज मेडल जीत लिया। असब ने इस जीत से मेरठ का दिल जीत लिया और मेरठ का नाम विश्व पटल पर रोशन कर दिया।

असब ने खोला पहला खाता

मेरठ के पांच खिलाडि़यों में सबसे पहले मो। असब ने सिटी के लिए मेडल का खाता खोला। असब ने शूटिंग के डबल ट्रैप इवेंट में क्वालीफाइंग राउंड में पहला स्थान प्राप्त किया, लेकिन सेमीफाइनल मुकाबले में आखिरी समय तक वो इंग्लैंड के दो अन्य शूटर्स के साथ फ्0 में से ख्7 अंक लेकर पहले स्थान पर बने हुए थे, लेकिन एक क्ले शॉट मिस होने के बाद असब फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए। ब्रांज मेडल के मुकाबले में मो। असब ने शानदार खेल दिखाया और अपने विरोधी वेल्स के खिलाड़ी को अंत तक जबरदस्त चुनौती दी। आखिरकार फ्0 में से ख्8 अंक पाकर असब ने देश को क्9वां मेडल जिताया।

घर पर खुशी का माहौल

असब के जैदीफार्म स्थित घर पर सुबह से ही अल्लाह की इबादत का दौर जारी रहा। असब के पिता अंसार अहमद, मां इरफानी खातून, भाई मसद, आमिर, शहनशाह समेत पूरा परिवार नमाज पढ़ रहा था और रोजा रखकर असब की जीत की दुआएं कर रहा था। असब ने भी अपने घरवालों समेत पूरे देश को निराश नहीं किया और शूटिंग में भारतीय टीम का दमदार प्रदर्शन जारी रखा।

रोजा रखकर जीता मेडल

मो.असब यूं तो रमजान में पूरे रोजे नहीं रख पाता, लेकिन जिस दिन उसका इवेंट होता है, वह रोजा जरूर रखता है। ऐसा ही रविवार को भी हुआ। मो.असब ने नमाज भी पढ़ी और फिर रोजा भी रखा। अल्लाह की इसी इबादत से असब को ब्रांज मेडल मिल गया।

ये कहते हैं घर वाले

मुझे असब से पूरी उम्मीद थी कि वह मेडल जरूर लाएगा। उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन करके दिखाया है।

मसद अहमद, बड़ा भाई

एक शूटर होने के नाते मैं जानता हूं कि इतने बड़े इवेंट में कितना प्रेशर होता है, लेकिन असब ने निराश नहीं किया।

अनुज, फ्रेंड

मुझे बहुत खुशी हुई कि मेरे भाई ने देश को मेडल जीता दिया। उसकी मेहनत आखिरकार रंग ले आई है।

शहनशाह, भाई

असब भाई ने बहुत अच्छा खेल दिखाया है, लेकिन उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद थी। फिर भी ब्रांज मेडल बहुत बड़ा है।

आमिर, भाई