काकादेव से बरामद लावारिस कार का रहस्य खुला, कार सवार सगे भाइयों के शव बरामद

-पहले से रची प्लानिंग के तहत घर से बुलाकर शराब पिलाई फिर हत्या कर प्लाट में दफनाया

-पुलिस ने जुटाए कई अहम सुराग, इलाकाई दोस्तों पर शक, सभी के मोबाइल मिले स्विच ऑफ

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KANPUR : गुरुवार रात काकादेव में बरामद खून से सनी कार का रहस्य शनिवार को खुल गया. कारसवार सगे भाइयों प्रिंस और मोनू की हत्या कर शव को पास के एक खाली प्लाट में दफना दिया गया था. हत्यारे भाइयों की कार से ही उनकी लाश लेकर प्लाट के पास पहुंचे थे. लाश को दफनाने के बाद वे जल्दबाजी में कार को वहीं छोड़कर भाग गए थे. इसी चूक से मामला पुलिस तक पहुंच गया. पुलिस ने शनिवार को दोनों की लाश को बरामद कर लिया. आशनाई में हत्या का शक जताया जा रहा है. पुलिस के राडार पर दोनों भाइयों के पांच दोस्त और एक महिला मित्र है. जिनका वारदात के बाद से मोबाइल स्विच ऑफ है.

पुलिस खा गई गच्चा

कल्याणपुर रानीगंज निवासी सगे भाई प्रिंस और मोनू शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे वैगनआर कार से निकले थे. इधर, पुलिस को रात करीब ढाई बजे ओम चौराहे के पास से एक कार और कुछ संदिग्ध लोगों के खड़े होने की सूचना मिली. पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां पर खून से सनी वैगनआर कार खड़ी थी. जानकारी करने पर पता चला कि कार प्रिंस और मोनू की है. पुलिस को कार से डेढ़ लाख कैश, एक लड़की का आधार कार्ड और 45 सिम मिले थे. पुलिस खून के निशान मिलने पर प्लाट के अंदर पहुंची तो वहां पर ताजी मिट्टी के निशान मिले. पुलिस ने लाश दफनाने के शक में रात को ही करीब डेढ़ फुट खोदाई करवाई, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ और पुलिस वापस लौट गई.

एसएसपी ने दोबारा कराई खोदाई

एसएसपी अनंत देव शनिवार को फोर्स के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि प्लॉट के कोने की जमीन फटी हुई है. जिसे देखकर उन्होंने दोबारा गहरी खोदाई कराई. चार फीट खुदाई करते ही पुलिस के होश उड़ गए. दोनों भाइयों के शव बरामद हो गए. दोनों के गर्दन के ऊपर चोट के निशान थे. प्रिंस का शव अ‌र्द्धनग्न हालत में था. इंस्पेक्टर का कहना है कि दोनों की ईंट से कुचलने के बाद गला दबाकर हत्या करना प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच्चाई सामने आ जाएगी. दोनों भाइयों की सीडीआर खंगाला तो पता चला कि रात करीब एक बजे प्रिंस का और चार बजे मोनू का मोबाइल स्विच ऑफ हुआ. जिससे शक गहराया कि मोनू भाई की हत्या करके भागा है. लेकिन दोनों के शव बरामद होने से पुलिस की यह थ्योरी फेल हो गई.

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पहले से कर रखी थी प्लानिंग

प्रिंस और मोनू के हत्यारे कुछ ही देर में शवों को दफनाकर प्लाट से बाहर आ गए थे, जबकि जमीन खोदकर शव दफनाने में काफी समय लगता है. जिससे माना जा रहा है कि हत्यारों पूरी प्लानिंग पहले से कर रखी थी. इलाकाई होने के कारण हत्यारे एरिया से अच्छी तरह वाकिफ थे. जगह चिन्हित कर कब्र भी पहले से खोदकर रखी गई थी. साजिश के तहत हत्यारों ने दोनों भाइयों को बुलाकर पहले उन्हें शराब पिलाई और नशे में धुत करने के बाद हत्या कर दी. पुलिस जमीन खोदकर शव को बरामद न कर पाए. इसके लिए हत्यारों ने शव को दफनाने के बाद चार फीट बाद ईंट लगा दी थी. इसके बाद ऊपर से मिट्टी डाल दी थी. तभी पहले दिन पुलिस शव बरामद नहीं कर पाई. जब पुलिस ने ईंट मिलने के आगे खोदाई कराई तो सच जमीन से बाहर आ गया.

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लॉज में पिलाई शराब

काकादेव में मोनू और प्रिंस सिंह हत्या में लॉज का कनेक्शन सामने आया है. दोनों भाई शराब के शौकीन थे. जिसमें प्रिंस बीयर पीता था. प्रिंस और उसका भाई घटना के दिन दोस्तों के साथ लॉज गए थे. वहां दोस्तों ने उनको जमकर शराब पिलाई थी. दोनों वहां से करीब साढ़े ग्यारह बजे निकले थे. दोनों भाइयों का किसी बात लेकर दोस्तों से झगड़ा हो गया. इसके बाद दोनों की हत्या कर दी गई. इन दोस्तों के मोबाइल घटना के बाद से स्विच ऑफ हैं.

फेसबुक पर लॉज की फोटो पोस्ट की

घटना के एक दिन पहले बुधवार को एक घंटे के अंतराल में प्रिंस ने फेसबुक पर तीन फोटो पोस्ट की थी. जिसमें दो उसकी और एक बीयर भरे ग्लास की थी. ये तीन फोटो काकादेव स्थित एक लॉज की थीं. प्रिंस अक्सर उसी लॉज में जाता था और वहीं फोटो पोस्ट करता था.

भाई के साथ जाना काल बना

प्रिंस की बजाज नाम की युवती से दोस्ती थी. बजाज को इलाकाई एक युवक भी पसंद करता था. इसी को लेकर लॉज में प्रिंस का झगड़ा हुआ था. हत्यारे प्रिंस को मारना चाहते थे. जिसके तहत उन लोगों ने प्लानिंग के तहत प्रिंस को बुलाया था, लेकिन वह भाई के साथ वहां पहुंच गया था. जिसके चलते हत्यारों ने मोनू को भी मारना पड़ा.