कमिश्नर की पहल लाई रंग, 12 बच्चों को 2 स्कूलों में भेजा गया

राजकीय बाल गृह के 12 बच्चे स्कूल बैग कंधे पर टांगकर अलग-अलग स्कूलों में गए

Meerut. 'शहर के शीर्ष स्कूलों में पढ़ेंगे अनाथ बच्चे.' सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लग रहा होगा किंतु यह सच है, कमिश्नर अनीता सी मेश्राम का प्रयास रंग लाया और गुरुवार को सूरजकुंड स्थित राजकीय बाल गृह के 12 बच्चे स्कूल बैग कंधे पर टांगकर अलग - अलग स्कूलों में गए.

दो स्कूल आए आगे

शहर में प्रोबेशन विभाग के शेल्टर होम्स में रह रहे बच्चों और बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए कमिश्नर तैनाती के दिन से ही प्रयासरत रही हैं. नारी निकेतन में निरुद्ध बालिकाओं को स्कूलों में भेजना हो गया उच्च शिक्षा के लिए पुणे स्थित मैनेजमेंट संस्थान से संपर्क करना हो, कमिश्नर आगे बढ़कर प्रयास करती रही हैं. हाल में शहर के दो केएल इंटरनेशनल स्कूल और बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल कमिश्नर की इस पहल में आगे आए. दोनों स्कूलों ने प्रोबेशन विभाग के साथ एक एमओयू साइन किया है.

स्कूल गए बच्चे

जिला प्रोबेशन अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि कमिश्नर की मौजूदगी में गुरुवार को दोनों स्कूलों का स्टाफ और वाहन बाल गृह पहुंचे और बच्चों को बैठाकर स्कूल ले गए. स्कूल बैग, किताबें, ड्रेस और मध्याह्न भोजन का बंदोबस्त एमओयू की शर्त के मुताबिक स्कूल करेगा. इस दौरान विधि सह परिवीक्षा अधिकारी श्रीति सगर एवं स्टाफ मौजूद था.

बाल गृह में रह रहे बच्चों का उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी है. ऐसे में सरकार इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए हर प्रयास करेगी.

अनीता सी मेश्राम, कमिश्नर

हमारे स्कूल में 6 बच्चों को एडमिशन दिया गया है. इन सभी बच्चों की शिक्षा पर स्कूल की ओर से विशेष फोकस रहेगा.बच्चों को लंच भी मैनेजमेंट प्रोवाइड करवाएगी.

सुधांशु शेखर, प्रिंसिपल, केएल इंटरनेशनल स्कूल

यह एक बेहतर पहल है. ऐसे बच्चों का हमने स्वागत किया गया. इन बच्चों के साथ किसी तरह का भी भेदभाव नहीं होगा, बच्चों की बेहतर शिक्षा पर ध्यान दिया जाएगा.

डॉ. गोपाल दीक्षित, प्रिंसिपल, बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल