-मृतक पूर्व प्रधान भानु प्रताप की हैं दो बेटियां, घर ले जाकर इलाज करा रही थी एक बेटी

-मौत पर पूर्व प्रधान के भाई ने जताया संदेह तो मेजा पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

ALLAHABAD: पिता के अंतिम संस्कार पर बेटी ने हक जताया तो पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा खड़ा हो गया. मृतक पूर्व प्रधान भानु प्रताप के भाई और उनकी बेटी आमने-सामने आ गई. दोनों अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने की बात पर अड़ गए. घंटे भर इनके बीच तीखी नोक-झोंक होती रही. इस बीच पहुंचे सपा सांसद फूलपुर नागेंद्र सिंह मुन्ना ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया. सांसद और गांव के बड़े बुजुर्गो के निर्णय पर शव को बेटी के हवाले कर दिया गया.

चाचा-भतीजी में तीखी झड़प

सरायइनायत थाना क्षेत्र के कसेरुआ कला निवासी पूर्व प्रधान भानु प्रताप (60) की सीमा और कुसुम दो बेटियां हैं. उन्हें कोई लड़का नहीं है. उन्होंने बड़ी बेटी कुसुम की शादी मेजा थाना क्षेत्र के तरवई कपूरी का पूरा गांव में की है. कुछ माह पहले भानु प्रताप की तबीयत खराब हो गई. बताते हैं कि पिता की तबीयत खराब होने की जानकारी होते ही कुसुम पति संग ससुराल से मायके जा पहुंची. वहां बीमार पिता की हालत देख वे अपने साथ लेकर मेजा चली गई. गुरुवार की रात भानु प्रताप की बेटी के यहां मौत हो गई.

आरोप पर मचा हंगामा

भाई के मौत की खबर मिलते ही भानु के भाई अजय परिवार के साथ भतीजी के यहां जा पहुंचे. वहां अजय ने भाई भानु की मौत के कारण पर संदेह जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया. इस पर पहुंची मेजा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया. मृतक की बेटी और उसके भाई परिवार के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. यहां कुसुम पिता की डेडबॉडी पर हक जताते हुए अंतिम संस्कार करने की बात करने लगी. यह बात मृतक के भाई व परिवार के अन्य लोगों को नागवार गुजरी. इस बात को लेकर कुसुम और मृतक के भाई आमने सामने आ गए. देखते ही देखते पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दोनों पक्षों के बीच हंगामा होने लगा. सूचना पर पहुंची एसआरएन हॉस्पिटल चौकी पुलिस की भी वह सुनने को तैयार नहीं थे.

सांसद ने कराई सुलह

विवाद चल ही रहा था कि अचानक फूलपुर सांसद भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए. सांसद के समझाने पर सभी शांत हुए. बड़े बुजुर्गो और सांसद ने बैठ कर फैसला किया कि जब भानु के कोई लड़का नहीं है, तो उनके शव पर पहला हक बेटी का ही बनता है. इस पर पुलिस की मौजूदगी में शव उनकी बेटी को सौंप दिया गया. मृतक पूर्व प्रधान के गांव से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोगों की मानें तो उनके पास जमीन जायदाद काफी है. बेटा न होने की वजह से वह मन ही मन काफी खिन्न रहा करते थे.