- लोगों को भगाकर शव को किया कब्जे में

- शव को कम्पनी के गेट पर रखकर मुआवजे की मांग थी

SHANKARGARH(JNN): शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के बारा पावर प्रोजेक्ट मिश्रापुरवा से प्रभावित गांव कपारी के किसान की हुयी मौत पर किसानों एवं मजदूरों ने काम बन्दकर मुआवजे को लेकर दिनभर हंगामा करते हुए शव को कम्पनी गेट पर रखा परन्तु प्रशासन ने किसानों को भगाकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

काफी दिनों से था बीमार

थाना क्षेत्र के बारा पावर प्रोजेक्ट मिश्रापुरवा से प्रभावित गांव कपारी का किसान रमेश तिवारी (30) 2 वर्ष पूर्व कम्पनी में काम करता था परन्तु बीमारी के कारण पिछले एक वर्ष से काम पर न जाकर इलाज करवा रहा था. अब वह पुन: कम्पनी में नौकरी करने का प्रयास कर रहा था. पन्द्रह दिन पहले पत्‍‌नी मायके चली गयी थी वह घर में अकेला था. बुधवार को सुबह पड़ोसी ननकू मिश्रा की पत्‍‌नी ने देखा कि कमरे का दरवाजा खुला हुआ था और रमेश तिवारी का शव पंखे से लटक रहा था. यह देख उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठे हो गए. कपारी गांव स्थित गैस प्लांट के सामने रह रहे बड़े भाई राजेश तिवारी भी मौके पर आ पहुंचे.

किसानों ने मढ़े आरोप

किसानों का आरोप है कि विगत् दिनों बारा मुख्यालय पर किसानों ने स्थायी नौकरी व वेतन वृद्धि को लेकर धरना प्रदर्शन किया था. जिसपर किसानों व कम्पनी के अधिकारियों व उपजिलाधिकारी बारा के बीच हुयी वार्ता विफल रही. जिससे आहत होकर रमेश तिवारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. किसानों ने मृतक किसान के परिजनों को नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर शव को उठाने नहीं दिया और कम्पनी के अधिकारियों के मौके पर आने की मांग करते रहे. कम्पनी के अधिकारी तो गांव नही पहुंचे परन्तु क्षेत्राधिकारी बारा विजयशंकर तिवारी, इंस्पेक्टर बारा रामप्रभाव राव, उपनिरीक्षक अजीत उपाध्याय व चौकी इन्चार्ज राजेन्द्र सिंह मयफोर्स के साथ मौके पर पहुँचकर किसानों को समझा बुझाकर शव को पोस्टमार्टम भेजने का प्रयास किए परन्तु किसानों ने शव को नही ले जाने दिया.