निगम ने 10-15 साल पुरानी गाडि़यों में कूड़ा ढोने में लगा रखा है

गाडि़यों को न तो आरटीओ विभाग रोकता है और न ट्रैफिक पुलिस

MEERUT। स्थानीय निकाय होने के कारण नगर निगम के लिए शासन का हर आदेश बेइमानी सा लगता है। कारण निगम की कूड़ा उठाने वाली गाडि़यों की हालत खस्ता है। बावजूद इसके निगम ने इन गाडि़यों कूड़ा ढोने में लगा रखा है। कूड़ा ढोती इन गाडि़यों से आधा कूड़ा तो सड़कों पर फैल जाता है, वहीं सालों पुरानी इन गाडि़यों से निकलने वाला धुंआ स्वास्थ्य के लिए भी बेहद हानिकारक होता है।

एनजीटी की परवाह नहीं

एनजीटी के आदेशानुसार 10 साल पुराने डीजल वाहनों का सड़क पर चलना बैन है। बावजूद इसके निगम ने शहर का कूड़ा उठवाने के लिए 15-15 साल पुरानी डीजल गाडि़या काम पर लगा रखी है।

फिटनेस भी नहीं

नगर निगम की कूड़ा गाडि़यों पर नजर डालें तो उनकी हालत से साफ पता चलता है कि पिछले आठ से 10 साल से इन गाडि़यों की फिटनेस नहीं हुई है।

आरटीओ विभाग भी लापरवाह

इसे आरटीओ विभाग की लापरवाही कहें या निगम की मनमानी कि शहर की सड़कों पर दौड़ रही खस्ताहाल कूड़ा गाडि़यों को रोका नहीं जा रहा। यहीं नहीं इन गाडि़यों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी होती। ऐसे में आरटीओ विभाग का सचल दस्ता भी कूड़ा गाडि़यों पर नगर निगम लिखा देखकर इन गाडि़यों को संचालन की अनुमति दे देता है।

सालों से पंजीकरण नहीं

आरटीओ के आंकड़ों पर नजर डालें तो गत चार साल से आरटीओ विभाग में निगम का एक भी बड़ा कमर्शियल वाहन रजिस्टर्ड नहीं हुआ है। केवल निगम की छोटी कूड़ा गाडि़यों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। आरटीओ के रिकार्ड में निगम की करीब 73 डीसीएम गाडि़यों का रजिस्ट्रेशन है लेकिन यह रजिस्ट्रेशन भी 12 से 15 साल पुराना है।

कूड़ा गाडि़यों में सभी प्रकार का गीला व सूखा कूड़ा ढोया जाता है। ऐसे में गीले कूडे़ के कारण इन गाडि़यों की हालत जल्दी खराब हो जाती है। नई गाडि़यों की डिमांड शासन को भेजी जा चुकी है।

डॉ। कुंवर सेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

निगम की गाडि़यों की हालत तो कूडे़ से भी अधिक बदतर है। गाडि़यों की हालत इस कदर जर्जर है कि चलते हुए गाडि़यों से कूड़ा गिरता रहता है और गंदगी सड़कों पर फैल जाती है।

शहजाद

गाडि़यों की खस्ता हालत शहर की आबोहवा को दूषित कर रही है। गाडि़यों से निकलने वाला धुंआ बेहद खतरनाक होता है।

तरुण

निगम की किसी भी कूड़ा गाड़ी पर नंबर प्लेट तक नहीं है। यही नहीं निगम कभी अपनी गाडि़यों की फिटनेस नहीं करता।

संजीव